मूकनायक/एम एस गौतम
सिरोही/राजस्थान
आज कैलाश वेरा की दादी मां की पुण्य तिथि पर हर वर्ष की तरह आज भी पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था की गई क्योंकि उनकी दादी मां का मानना था की जैसे पालतू पशुओं को तो चारा खाने के लिए मिल जाता है लेकिन जो जंगलों में घुमंतू पशुओं को चारा आसानी से नही मिलता है तो जब भी आपको समय और धन की कमी नही हो तो थोड़ा धन बचाकर इस प्रकार के कार्यों में अपना योगदान देना चाहिए जिससे सभी को प्रेरणा मिले और सभी लोग इस प्रकार के काम कर सके ।।
इसी सोच को कैलाश वेरा के पूरे परिवार वाले जीवन भर निभाने के लिए प्रयासरत रहेंगे ऐसा इन सबका मानना है ।।
इस मौके पर विनोद ,देवाराम ,रमेश कुमार , भरत, सोपू देवी , अशी देवी ,डिंपल , हिना आदि का सहयोग रहा ।।।

