Tuesday, September 29, 2026
HomeUncategorizedबीजापुर में शुरू हुई खाद वितरण की डिजिटल व्यवस्था, टोकन सिस्टम से...

बीजापुर में शुरू हुई खाद वितरण की डिजिटल व्यवस्था, टोकन सिस्टम से किसानों को मिलेगा समय पर उर्वरक

रायपुर। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में डिजिटल टोकन आधारित खाद वितरण व्यवस्था लागू कर दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई यह नई व्यवस्था भारत सरकार के उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय की फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) योजना के अंतर्गत 7 जुलाई 2026 से पायलट परियोजना के रूप में लागू की गई है।

नई व्यवस्था के तहत किसान अपने मोबाइल फोन में एफएफएस ऐप डाउनलोड कर निकटतम उर्वरक विक्रय केंद्र पर खाद की अग्रिम बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग पूरी होने के बाद किसानों को क्यूआर कोड आधारित डिजिटल टोकन जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर निर्धारित तिथि और समय पर संबंधित केंद्र से खाद प्राप्त की जा सकेगी। इससे किसानों को लंबी कतारों में प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी और वितरण प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी।

जिला प्रशासन के अनुसार जारी किया गया प्रत्येक टोकन तीन दिनों तक वैध रहेगा। यदि निर्धारित अवधि में किसान खाद प्राप्त नहीं करते हैं, तो टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा। इससे खाद का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा और अन्य किसानों को भी समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सकेगा।

पूरी प्रक्रिया दो चरणों में संचालित होगी। पहले चरण में किसान गूगल प्ले स्टोर से एफएफएस ऐप डाउनलोड कर अपनी भूमि, फसल तथा अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करेंगे। इसके बाद वे निकटतम उर्वरक विक्रय केंद्र का चयन कर डिजिटल टोकन प्राप्त करेंगे। दूसरे चरण में किसान निर्धारित समय पर विक्रय केंद्र पहुंचकर क्यूआर कोड आधारित टोकन प्रस्तुत करेंगे। वहां पीओएस मशीन के माध्यम से टोकन स्कैन करने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा और निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से खाद वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी, अनावश्यक भीड़ में कमी आएगी तथा उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। इससे किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।

कृषि विभाग ने किसानों से इस नई व्यवस्था का लाभ उठाने की अपील की है। विभाग ने बताया कि यदि किसी किसान को मोबाइल ऐप डाउनलोड करने, पंजीयन कराने या टोकन प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, लैम्प्स अथवा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कृषि विभाग के अनुसार डिजिटल टोकन आधारित खाद वितरण प्रणाली किसानों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे खेती के लिए आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ-साथ कृषि कार्यों में भी गति आएगी।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments