
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने
बालाघाट। लांजी विकासखंड की आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत देवरबेली में कृषि विभाग द्वारा बैगा एवं गोंड जनजाति के किसानों को उड़द मिनीकिट बीज वितरित कर उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की पहल की गई। विभाग का उद्देश्य दलहन उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ आदिवासी किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है।
उप संचालक कृषि फूलसिंह मालवीय ने बताया कि 2 जुलाई 2026 को कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा देवरबेली के बैगा एवं गोंड जनजाति के कृषकों को उड़द मिनीकिट बीज वितरित किए गए। इस अवसर पर किसानों को उन्नत किस्म के बीजों के उपयोग, वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों, फसल प्रबंधन तथा दलहन उत्पादन बढ़ाने के संबंध में विस्तार से जानकारी भी दी गई।
उन्होंने बताया कि देवरबेली पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहा है। वर्तमान में क्षेत्र में सामान्य स्थिति बनने के बाद शासन विभिन्न विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रहा है। कृषि विभाग भी किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराकर कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार उड़द मिनीकिट वितरण जैसे कार्यक्रमों से दलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ आदिवासी किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में भी मदद मिलेगी। विभाग का मानना है कि खेती में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और शासकीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर किसानों ने कृषि विभाग की पहल का स्वागत करते हुए उन्नत खेती अपनाने और शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का संकल्प व्यक्त किया। अधिकारियों ने भी किसानों से वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन एवं आय बढ़ाने की अपील की।

