

सेवानिवृत्त शिक्षाविदों को भावभीनी विदाई, शिक्षा जगत ने दी सम्मानपूर्ण विदाई
बम्हनीडीह। विकासखंड बम्हनीडीह के शिक्षा परिवार द्वारा जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) पद से सेवानिवृत्त हरिराम जायसवाल, व्याख्याता उमाशंकर तिवारी तथा प्रधान पाठक जयचंद राठौर के सम्मान में 3 जुलाई 2026 को बीआरसी बम्हनीडीह में गरिमामय विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में शिक्षकों ने उपस्थित होकर तीनों शिक्षाविदों के दीर्घकालीन योगदान को नमन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य एम.डी. दीवान थे, जबकि अध्यक्षता विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईत ने की। बीआरसी हिरेंद्र बेहार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बीआरसी बम्हनीडीह, शिक्षक संघ, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, टीचर्स एसोसिएशन तथा सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन की ओर से तीनों सेवानिवृत्त शिक्षकों का शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मान किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए बीआरसी हिरेंद्र बेहार, शिक्षक संघ के धन्य कुमार पांडेय, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के रविन्द्र राठौर, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के संतराम साहू तथा टीचर्स एसोसिएशन के उमेश तेम्बूलकर ने कहा कि हरिराम जायसवाल, उमाशंकर तिवारी और जयचंद राठौर ने अपने संपूर्ण सेवाकाल में शिक्षा विभाग, विद्यार्थियों और समाज के लिए निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य किया। उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
मुख्य अतिथि प्राचार्य एम.डी. दीवान ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूर्व जिला मिशन समन्वयक हरिराम जायसवाल का कार्यकाल शिक्षा प्रशासन में एक उल्लेखनीय अध्याय रहा है। उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों का कुशलता से निर्वहन करते हुए शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने तथा शिक्षा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सेवा से सेवानिवृत्ति केवल एक औपचारिक पड़ाव है, जबकि अनुभव और मार्गदर्शन की आवश्यकता समाज को निरंतर बनी रहती है।
उन्होंने व्याख्याता उमाशंकर तिवारी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और जीवन मूल्यों की सीख दी। वहीं प्रधान पाठक जयचंद राठौर के नेतृत्व, अनुशासनप्रियता तथा विद्यालय विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी उन्होंने अनुकरणीय बताया।
सम्मान समारोह के दौरान सेवानिवृत्त जिला मिशन समन्वयक हरिराम जायसवाल ने सभी शिक्षकों एवं साथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासकीय सेवा के दौरान मिले सहयोग, विश्वास और आत्मीयता को वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने कहा कि बम्हनीडीह के शिक्षा परिवार से उनका आत्मीय संबंध सदैव बना रहेगा।
सेवानिवृत्त व्याख्याता उमाशंकर तिवारी ने कहा कि एक शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि उसके विद्यार्थी होते हैं। अपने विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में सफल होते देख उन्हें अत्यंत संतोष और गर्व की अनुभूति होती है।
प्रधान पाठक जयचंद राठौर ने भावुक होकर कहा कि उन्हें मिला सम्मान, स्नेह और अपनापन उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने सभी सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी आत्मीय संबंध बनाए रखने की बात कही।
कार्यक्रम में विजय थवाईत ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। मंच संचालन बसंत चतुर्वेदी ने तथा आभार प्रदर्शन डॉ. उमेश कुमार दुबे ने किया।
समारोह में बीआरसी बम्हनीडीह, शिक्षक संघ, तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, टीचर्स एसोसिएशन तथा सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। पूरे समारोह में आत्मीयता, सम्मान और भावनात्मक वातावरण के बीच शिक्षा जगत की तीन विशिष्ट हस्तियों की सेवाओं का अभिनंदन किया गया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई।

