
मूकनायक समाचार
3 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर पर्यावरण एवं प्रकृति प्रेमी समाजसेवी प्रशांत कुमार क्षीरसागर के नेतृत्व में प्लास्टिक मुक्त भारत और स्वच्छ पर्यावरण के उद्देश्य से जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के माध्यम से नागरिकों से सिंगल-यूज प्लास्टिक बैग का उपयोग बंद कर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की गई।
प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को एकल-उपयोग प्लास्टिक बैग के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और कपड़े, जूट तथा कागज के थैलों के उपयोग के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की थीम “सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्ति : एक स्थायी भविष्य की ओर” पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देती है।

उन्होंने कहा कि प्लास्टिक बैग को नष्ट होने में सैकड़ों वर्ष लगते हैं। यह नदियों, तालाबों और समुद्रों को प्रदूषित करने के साथ-साथ पशु-पक्षियों एवं जलीय जीवों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। कई बार मवेशी और अन्य जीव प्लास्टिक को भोजन समझकर निगल लेते हैं, जिससे उनकी मृत्यु तक हो जाती है। इसके अलावा प्लास्टिक कचरा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करता है।
अभियान के दौरान लोगों से खरीदारी के समय अपने साथ कपड़े या जूट का थैला रखने, प्लास्टिक बैग लेने से इनकार करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार, उद्योग और आम नागरिकों की सहभागिता से ही प्लास्टिक प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे प्लास्टिक मुक्त भारत के संकल्प के साथ इस जन अभियान से जुड़ें और स्वच्छ, स्वस्थ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अभियान में ओम पीयूष क्षीरसागर, आदित्य, नारायण शर्मा, मृणाल दत्ता, राहुल बिसाई एवं योगेश कुमार सहित अनेक पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय सहयोग किया। सभी ने एक स्वर में नागरिकों से प्लास्टिक बैग का उपयोग बंद कर पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की।

