
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | खैरलांजी/बालाघाट
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से गुरुवार को खैरलांजी के अंबेडकर भवन में जनजागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण नागरिक शामिल हुए। अधिकारियों ने योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी और सौर ऊर्जा के लाभों की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों से योजना से जुड़ने की अपील की।
शिविर की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वारासिवनी कार्तिकेय जायसवाल ने की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की यह योजना आम परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित कर नागरिक बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत कर सकते हैं तथा स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया।
संभागीय कार्यालय वारासिवनी के कार्यपालन अभियंता बाबूलाल भैना ने योजना की पात्रता, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली खर्च कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने उपस्थित किसानों एवं नागरिकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने पर पात्र हितग्राहियों को सरकारी अनुदान का लाभ मिलेगा। साथ ही समय पर पंजीयन कर योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में सहायक अभियंता राहुल तुरकर, कनिष्ठ अभियंता प्रमोद लिल्हारे, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, तहसीलदार खैरलांजी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, जनपद अध्यक्ष, विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने सौर ऊर्जा के आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यह योजना अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजना की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर है, इसलिए प्रत्येक पात्र परिवार तक इसकी जानकारी पहुंचाना आवश्यक है।
शिविर के अंत में अधिकारियों ने नागरिकों से स्वयं योजना का लाभ लेने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों से अधिक से अधिक परिवार स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था से जुड़ सकेंगे।

