Tuesday, September 29, 2026
Homeउत्तर प्रदेशएक बार फिर रिश्तों को किया शर्मसार: सगे चाचा पर भतीजी से...

एक बार फिर रिश्तों को किया शर्मसार: सगे चाचा पर भतीजी से अश्लील हरकत का आरोप, शिकायत के बाद पीड़िता पर ही हुई कार्रवाई

मूकनायक/रिपोर्टर, राजेश कुमार/बस्ती/उत्तर प्रदेश

बस्ती। जनपद बस्ती के थाना पुरानी बस्ती क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवती ने अपने ही सगे चाचा पर देर रात अश्लील हरकत करने और विरोध करने पर परिवार के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, पीड़िता का कहना है कि न्याय की गुहार लगाने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उसी के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई कर दी, जिससे वह न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

पीड़िता के अनुसार, घटना 19/06/2026 की रात की है। वह घर के बरामदे में भोजन करने के बाद सो रही थी, जबकि उसकी बहनें छत पर सो रही थीं। आरोप है कि आधी रात के समय उसका सगा चाचा उसके पास पहुंचा और उसकी गहरी नींद का फायदा उठाकर अश्लील हरकतें करने लगा। युवती का कहना है कि जब उसकी नींद खुली तब तक उसके कपड़े फट चुके थे। उसने तत्काल शोर मचाकर परिजनों को बुलाया, जिसके बाद उसकी मां और बहनें नीचे पहुंचीं।

आरोप है कि घटना का विरोध करने पर आरोपी हनुमंत प्रसाद, उसके पुत्र साहिल सहित अन्य परिजनों एवं रिश्तेदारों ने पीड़िता और उसके परिवार के साथ गाली-गलौज, मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी पूर्व में भी कई बार उसके साथ इस प्रकार की हरकत करने का प्रयास कर चुका है। उसने इसकी शिकायत कई बार थाना पुरानी बस्ती में लिखित प्रार्थना पत्र देकर की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उल्टे स्थानीय पुलिस ने पीड़िता के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 170, 126 एवं 135 के तहत शांतिभंग की कार्रवाई कर चालान कर दिया।

स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने अब पुलिस अधीक्षक, बस्ती को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि उसे स्थानीय पुलिस से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं रही, इसलिए उसने उच्च अधिकारियों की शरण ली है।

अब यह पूरा मामला प्रशासनिक जांच का विषय बन गया है। यदि पीड़िता के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करेगा।

नोट: यह समाचार पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उसके प्रार्थना पत्र के आधार पर प्रकाशित किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार पत्र द्वारा नहीं की गई है। मामले की सत्यता प्रशासनिक एवं पुलिस जांच के उपरांत ही स्पष्ट होगी।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments