Tuesday, September 29, 2026
HomeUncategorizedकबीरधाम में खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण, कालाबाजारी रोकने...

कबीरधाम में खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण, कालाबाजारी रोकने 170 केंद्रों का निरीक्षण

दो उर्वरक विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस; किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने प्रशासन की सख्त निगरानी

रायपुर, 30 जून 2026।

खरीफ सीजन 2026 में किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कबीरधाम जिला प्रशासन ने व्यापक निगरानी अभियान शुरू किया है। जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है और अधिक मूल्य पर बिक्री, अवैध भंडारण तथा अन्य अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।

जिला प्रशासन के अनुसार सहकारी क्षेत्र में 57,200 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण के लक्ष्य के विरुद्ध सेवा सहकारी समितियों में अब तक 32,700 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक केंद्रों में 5,668 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 21,151 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है।

निजी क्षेत्र में भी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यहां 10,457 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिनमें से 7,639 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से उर्वरकों का वितरण लगातार जारी है।

कृषि विभाग किसानों को डीएपी उर्वरक के वैकल्पिक उपयोग के लिए भी जागरूक कर रहा है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुरूप एनपीके, टीएसपी तथा एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए मैदानी अमलों द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को जानकारी दी जा रही है।

उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर बिक्री तथा अन्य अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों, उर्वरक निरीक्षकों और उड़नदस्ता दल द्वारा अब तक जिले के 170 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है।

निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर दो उर्वरक विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य पर तथा शासन के नियमों के अनुरूप उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाल ही में कलेक्टर की उपस्थिति में बोड़ला विकासखंड के तीन निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान किसानों से उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी ली गई तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के संबंध में उन्हें जागरूक किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री की कोई शिकायत सामने नहीं आई।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए जिले में निगरानी एवं कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments