Tuesday, September 29, 2026
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कलाकार पेंशन की मांग को लेकर गरजे कलाकार, आंदोलन की दी चेतावनी

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट

बालाघाट। महाकौशल जन जागृति शायरी संगठन का छठवां स्थापना दिवस सांस्कृतिक उत्साह और कलाकारों की मांगों की मुखर अभिव्यक्ति के साथ मनाया गया। बालाघाट, सिवनी एवं महाराष्ट्र के गोंदिया जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कलाकारों ने लोकगीत, शायरी, नृत्य, डंडार, भजन एवं वादन की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। इस दौरान कलाकारों ने पेंशन एवं मानदेय योजना लागू करने की मांग को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी भी जताई।

संगठन अध्यक्ष गौरी शंकर मोहरे ने बताया कि कोरोना काल में कलाकारों की दयनीय स्थिति को देखते हुए संगठन की स्थापना की गई थी। उन्होंने कहा कि कलाकार सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों की आत्मा होते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कलाकारों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो संगठन धरना, रैली और आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा।

संगठन सचिव दादूलाल कटरे ने कहा कि महाराष्ट्र में कलाकारों को पेंशन और मानदेय की सुविधा मिल रही है, तो मध्यप्रदेश के कलाकारों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलाकार नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता, चुनाव प्रचार-प्रसार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा से वंचित रहते हैं।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोक कला और संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कलाकारों को संरक्षण और प्रोत्साहन नहीं मिला तो अनेक लोक कलाएं विलुप्त होने की कगार पर पहुंच सकती हैं। कलाकारों ने लोक कलाकारों के लिए पेंशन योजना, स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और सम्मान निधि लागू करने की मांग की।

स्थापना दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों एवं अतिथियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के समापन पर कलाकारों ने कला, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य करने तथा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कलाकारों ने स्पष्ट कहा कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा उनकी प्राथमिक मांग है, जिसे लेकर वे एकजुट होकर आगे भी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

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