Tuesday, September 29, 2026
HomeUncategorizedरुपये के विवाद में उजड़ा परिवार, पति निकला पत्नी का कातिल

रुपये के विवाद में उजड़ा परिवार, पति निकला पत्नी का कातिल

मलाजखण्ड पुलिस ने 72 घंटे में सुलझाई अंधी हत्या की गुत्थी

मूकनायक समाचार /सत्यशील गोंडाने/बालाघाट

बालाघाट। जिले के मलाजखण्ड थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाकीगुड़ा में हुई महिला की रहस्यमयी मौत का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभ में मामला सामान्य मृत्यु जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की बारीकी से की गई जांच ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। जांच में सामने आया कि शराब पीने के लिये रुपये नहीं देने पर पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश और दुख का माहौल है। लोग इस घटना को शराब की लत और घरेलू विवाद का भयावह परिणाम बता रहे हैं।
संदिग्ध हालत में मिली थी महिला की लाश
जानकारी के अनुसार 21 मई 2026 को थाना मलाजखण्ड पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बाकीगुड़ा में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी एवं पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल एवं फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी बुलाया गया।
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। महिला का शव कमरे के अंदर बिस्तर पर पड़ा हुआ मिला। पहली नजर में ऐसा प्रतीत कराया गया था मानो महिला की सामान्य मृत्यु हुई हो, लेकिन घटनास्थल की स्थिति और शव पर मिले निशानों ने पुलिस के संदेह को गहरा दिया।
इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरा मामला हत्या में बदल गया। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि महिला की मौत गला दबाने से दम घुटने और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी।
पति पर गहराया शक
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मृतिका के परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। ग्रामीणों ने बताया कि मृतिका और उसके पति के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। पति को शराब पीने की आदत थी और वह आये दिन पत्नी से पैसों की मांग करता था।
इसी आधार पर पुलिस का शक मृतिका के पति केशव धुर्वे पर गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य और परिस्थितियों के आधार पर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
शराब के लिये रुपये नहीं देने पर की हत्या
पूछताछ में आरोपी केशव धुर्वे ने बताया कि घटना वाले दिन उसने पत्नी से शराब पीने के लिये रुपये मांगे थे। पत्नी द्वारा पैसे देने से इंकार करने पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में अपना आपा खो दिया।
आरोपी ने पहले पत्नी का गला दबाकर उसे काबू में करने की कोशिश की। जब महिला बेहोश होने लगी तो आरोपी ने पास में पड़े लकड़ी के डंडे से उसके सिर पर कई वार कर दिये। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या करने के बाद आरोपी घबरा गया। उसने पूरे मामले को छिपाने के लिये शव को कमरे के अंदर बिस्तर पर लिटा दिया ताकि किसी को संदेह न हो और मामला सामान्य मौत जैसा दिखाई दे। लेकिन पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच ने आरोपी की साजिश को विफल कर दिया।
पुलिस ने बरामद किया हत्या में प्रयुक्त डंडा
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जप्त कर ली है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान केशव धुर्वे पिता धनसिंह धुर्वे, उम्र 50 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 04 ग्राम बाकीगुड़ा, थाना मलाजखण्ड, जिला बालाघाट के रूप में हुई है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने में थाना मलाजखण्ड पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह जौनवार, उप निरीक्षक मनोज मांगरे, सहायक उप निरीक्षक कलिराम उइके, सहायक उप निरीक्षक सुलेखा मरकाम, प्रधान आरक्षक रतन सोनवाने, आरक्षक ब्रजलाल उइके, जितेन्द्र सेंगर, सामुएल कलेत, तोषेन्द्र एवं गणेश मेहरा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शराब की लत बन रही परिवारों की दुश्मन
घटना के बाद ग्रामीणों में दुख और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि शराब की लत लगातार परिवारों को बर्बादी की ओर धकेल रही है। छोटी-छोटी बातों पर घरेलू विवाद अब गंभीर अपराधों का रूप लेने लगे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए शराब के अवैध कारोबार और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की है। लोगों ने प्रशासन से गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल मलाजखण्ड पुलिस पूरे मामले में आगे की विवेचना कर रही है। वहीं इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि नशे की लत किस तरह एक पूरे परिवार की खुशियां उजाड़ सकती है।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments