

पूज्य भंते अश्वदीप के करकमलों से हुआ लोकार्पण, सैकड़ों उपासक-उपासिकाओं की रही गरिमामय उपस्थिति
मूकनायक समाचार / सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
बालाघाट।जिले के ग्राम धनसुवा में बौद्ध समाज के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण उस समय देखने को मिला, जब बालाघाट जिला बौद्ध संघ (पंजीयन क्रमांक 3958) के अंतर्गत तहसील शाखा बालाघाट, सर्कल शाखा भरवेली एवं ग्रामीण बौद्ध संघ शाखा धनसुवा के संयुक्त तत्वावधान में “बालाघाट जिला बौद्ध संघ प्रशिक्षण केंद्र सह बौद्ध विहार”का भूमिपूजन समारोह श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ।
सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे इस कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य भंते अश्वदीप के पावन हस्तों से विधिवत भूमिपूजन कर किया गया। इस अवसर पर बौद्ध धम्म के अनुयायियों में भारी उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर “नमो बुद्धाय” और “जयभीम” के जयघोष से धम्ममय हो गया।
शिक्षा और संगठन का केंद्र बनेगा विहार: सचिन मेश्राम
समारोह की अध्यक्षता कर रहे जिला बौद्ध संघ के जिलाध्यक्ष सचिन मेश्राम ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि धनसुवा में बनने वाला यह बौद्ध विहार और प्रशिक्षण केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने का केंद्र होगा। यहाँ आने वाली पीढ़ियों को भगवान बुद्ध के उपदेशों, संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों तथा सामाजिक समता, बंधुत्व और मानवता के मूल्यों से जोड़ा जाएगा।
वरिष्ठ जनों एवं पदाधिकारियों ने दिया एकता का संदेश-
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित वरिष्ठ सदस्य एच.आर. रानाडे एवं रमेश भालाधरे ने समाज को संगठित रहने और बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया। जिला कोषाध्यक्ष अरुण भालेकर ने आयोजन की सफलता के लिए समाज के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। वहीं, तहसील अध्यक्ष राकेश बागड़े ने बताया कि इस केंद्र में समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर, धम्म प्रवचन और युवाओं के लिए मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएंगे। सर्कल अध्यक्ष अशोक डोगरे ने युवाओं से बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने की अपील की।
धार्मिक गतिविधियों के साथ होगा सामाजिक उत्थान-
ग्रामीण शाखा अध्यक्ष अनेश गोंडाने ने उपस्थित सभी अतिथियों व उपासक-उपासिकाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थान धार्मिक गतिविधियों तक सीमित न रहकर शिक्षा, संस्कार और सामाजिक उत्थान का प्रमुख केंद्र बनेगा।
मानवता और करुणा का मार्ग अपनाएं: भंते अश्वदीप-
भूमिपूजन के उपरांत पूज्य भंते अश्वदीप जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म मानवता, करुणा और समता का संदेश देता है। समाज को शिक्षा, नैतिकता और सदाचार के मार्ग पर चलकर ही सशक्त बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमुदाय ने बुद्ध वंदना व धम्म वंदना कर समाज में शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग अनुशासन व उत्साह के साथ उपस्थित रहे।

