मूकनायक/ दुर्गेंद्र सम्राट प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश
समाजवादी पार्टी के संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन से पूरे उत्तर प्रदेश में शोक की लहर फैल गई है। बुधवार सुबह लखनऊ में हुई इस घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है जिसके बाद पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है।
प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ने की सूचना मिलते ही उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल के निदेशक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले प्रतीक यादव का ड्राइवर अस्पताल पहुंचा था और उसने कहा कि “भैया की तबीयत बहुत खराब है।” इसके बाद डॉक्टरों की टीम तुरंत उनके आवास पहुंची लेकिन वहां पहुंचने पर प्रतीक यादव के शरीर में किसी प्रकार की हलचल नहीं थी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के कारणों का स्पष्ट पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम हेतु किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजा गया है। पुलिस और डॉक्टरों को शुरुआती तौर पर पॉइजनिंग यानी जहर की आशंका भी नजर आ रही है हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे और हाल ही में उनका इलाज मेदांता अस्पताल में भी चल रहा था। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे तथा नियमित दवाइयां ले रहे थे। घटना के समय उनकी पत्नी अपर्णा यादव लखनऊ से बाहर थीं। सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य और करीबी लोग अस्पताल पहुंचे।
प्रतीक यादव की मौत के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे सामान्य बीमारी से हुई मौत बता रहे हैं जबकि कई लोग इस घटना को संदिग्ध मानते हुए साजिश की आशंका जता रहे हैं। सोशल मीडिया पर लगातार कई दावे किए जा रहे हैं हालांकि अभी तक पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी भी साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि परिवार और कानून के अनुसार जो भी आवश्यक होगा वह किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर मामले की गहन जांच की मांग भी की जा सकती है। सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में इस घटना को लेकर गहरा दुख देखा जा रहा है। कई नेताओं ने इसे यादव परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की प्रेम कहानी भी हमेशा चर्चा में रही। दोनों की मुलाकात कॉलेज के दिनों में लखनऊ में हुई थी जिसके बाद दोनों ने प्रेम विवाह किया। अपर्णा यादव वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हुई हैं और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। राजनीतिक रूप से अलग विचारधारा होने के बावजूद दोनों के संबंधों को अक्सर उदाहरण के तौर पर देखा जाता था।
प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। राजनीति से दूर रहने के बावजूद उनका नाम हमेशा यादव परिवार के कारण चर्चा में रहा। उनके अचानक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

