









मूकनायक समाचार / बालाघाट
ग्राम शेरपार में ग्रामीण विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने एवं शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक भव्य विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में गांव एवं आसपास क्षेत्र के दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थी अपने माता-पिता के साथ बड़ी संख्या में शामिल हुए। समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना, उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित करना तथा शिक्षा के महत्व को समझाना रहा।



कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में कार्यरत सफल एवं प्रेरणास्रोत साथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर कैलाश बिसेन (राजस्व विभाग), मंजीता गौतम (शिक्षा विभाग), लुकेश नेवारे (आर्मी), गिरधर बगले (बिजली विभाग), भूपेंद्र बिसेन (आर्मी), अनीता गौतम (शिक्षक), प्रकाश बघेले (शिक्षक), खिलेन्द्र गौतम (पुलिस विभाग) एवं हेमू बघेले (पुलिस विभाग) विशेष रूप से उपस्थित रहे।




कार्यक्रम की खास बात यह रही कि भोपाल से डी.एस.पी. शिवकुमार कंगाली ने वीडियो कॉल के माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं उपस्थित साथियों से संवाद कर उन्हें जीवन में अनुशासन, मेहनत और शिक्षा के महत्व पर प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और निरंतर मेहनत की जाए, तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है।




इस समारोह का आयोजन देवेन्द्र देशमुख (पटले) एवं उनके सहयोगी साथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रुपेश कुमार नागोते (पीपल्स यूथ फ्रंट प्रभारी, मध्यप्रदेश) ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं।



समारोह में सभी विद्यार्थियों को मैडल, पेन एवं स्कूल बैग प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों के माता-पिता का भी सम्मान कर उनके योगदान को सराहा गया। उपस्थित सभी मार्गदर्शक साथियों ने बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि “शिक्षा ही हर ताले की चाबी है” और महान उद्देश्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए, जब तक मंजिल हासिल न हो जाए।

कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा। आयोजन समिति ने बताया कि अब ऐसे विद्यार्थी सम्मान समारोह अन्य गांवों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके और शिक्षा की अलख गांव-गांव तक पहुंचाई जा सके।


