Friday, April 17, 2026
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हिमाचल प्रदेश में,”अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून” बनाने की मांग को लेकर 1 से अप्रैल “सामाजिक न्याय यात्रा”

देव भारती राज्य संपादक हिमाचल प्रदेश | हिमाचल प्रदेश में,”अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून” बनाने की मांग को लेकर 1
अप्रैल, 2026 से विधानसभा स्तर पर “सामाजिक न्याय यात्रा” की शुरु की जा रही है।
“सामाजिक न्याय यात्रा” के दौरान “हर घर दस्तक” दी जाएगी और 14 अप्रैल को भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती के अवसर पर संबंधित विधायक के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को हिमाचल प्रदेश में,”अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि कानून के लिए ज्ञापन के माध्यम से मांग की जाएगी की वह पार्टी चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वायदे अनुसार हिमाचल प्रदेश में”अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून की प्रक्रिया शुरू करे। हिमाचल प्रदेश में,”अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून” बनाने की मांग को लेकर “सामाजिक न्याय यात्रा” की शुरुआत जिला चंबा से 1 अप्रैल को की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने की मांग को लेकर मार्च 2023 में एक राज्य गठबंधन का गठन किया गया। जिसके उपरांत प्रदेश में अनुसूचित जाति उप योजना/ विकास कार्यक्रम की स्थिति पर पिछले 5 वर्षों का अध्ययन किया गया और इस पर एक स्टेटस रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके आधार पर 2023 में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और माननीय जनजातीय विकास मंत्री जी के साथ चर्चा की गई और इनके माध्यम से पैरवी की शुरुआत की गई।
इसी क्रम में राज्य गठबंधन के प्रतिनिधि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के दोनों पार्टियों के माननीय विधायकों के साथ हिमाचल प्रदेश में “अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून बनाने के लिए विचार विमर्श किया और 15/17 माननीय विधायकों के (समर्थन) पत्र के साथ 1 फरवरी 2024 को ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी – अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रभारी आदरणीय डॉ. के राजू और अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री राजेश लिलोठिया जी के मार्गदर्शन में माननीय मुख्यमंत्री से मिल और मुख्यमंत्री महोदय हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून” बनाने की प्रक्रिया शुरू करने गुजारिश की।
राज्य गठबंधन द्वारा 14 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री के सुझाव पर हिमाचल प्रदेश में “अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि कानून” का ड्राफ्ट बिल तैयार करके भोरंज विधानसभा के माननीय विधायक डॉ. सुरेश कुमार जी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री महोदय को सबमिट किया।
इसी सिलसिले में “राज्य गठबंधन” का एक प्रतिनिधिमंडल माननीय मुख्यमंत्री महोदय से 2024 के विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान 19 दिसंबर, 2024 को तपोवन में मिला। 2025 के विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 28 अगस्त,2025 को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विकास निधि के लिए राज्य गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल माननीय मुख्यमंत्री व माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री महोदय से मिला और मांग की गई कि राज्य सरकार पार्टी “चुनाव घोषणा पत्र” में किए गए वादे अनुसार हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति विकास निधि कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू करे।
परंतु अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की है। मुहिम की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 1 अप्रैल 2026 से “अनुसूचित जाति, जनजाति विकास निधि विशेष कानून” बनाने की मांग को वोट के साथ जोड़ते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में “सामाजिक न्याय यात्रा” शुरू की जा रही है जिसके दौरान “एक ही मांग- एक ही नारा” के साथ “हर घर दस्तक” दी जाएगी।

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