मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जीवन में जो खो गया है, वह तो कभी लौटकर नहीं आ सकता लेकिन वर्तमान में जो हमारे पास है उसका आनंद लेते हुए जीवन को प्रसन्नतापूर्ण अवश्य बनाया जा सकता है। अपने अतीत से सदैव कुछ सीखने का प्रयास करें। हमारा अतीत कितना ही बुरा क्यों ना हो, लेकिन उससे बहुत कुछ सीखने को मिल ही जाता है। जीवन से जो चला गया है, उसका दुःख मनाने के बजाय जो बचा हुआ है, उसे संभालने का प्रयास करें।
अपने नुकसान के लिए किसी अन्य को दोषी मानकर उससे बदला लेने की भावना रखने के बजाय अपनी ऊर्जा को श्रेष्ठ उद्देश्य में लगायें। अपने पुराने दुःखों से, अतीत की बुरी स्मृति से जब तक हम मुक्त नहीं होंगे तब तक भविष्य का सुनहरा कल भी हमारा आलिंगन नहीं कर पायेगा। वक्त रहते जीवन बदलने का प्रयास करें क्योंकि जो लोग कल के भरोसे काम को टाल देते हैं, जीवन उन्हें कभी वक्त बदलने का अवसर प्रदान नहीं करता है।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

