
मूकनायक/राजस्थान/बूंदी
संवाददाता संगीता
लाखेरी (बूंदी) – अंबेडकर कल्याण परिषद लाखेरी की ओर से माता सावित्रीबाई फुले ज यंती के अवसर पर महिला शिक्षिकाओं के सम्मान हेतु एक भव्य, प्रेरणादायी एवं सामाजिक चेतना से ओतप्रोत समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूर्णतः महिला शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, दलित उत्थान तथा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं माता सावित्रीबाई फुले के विचारों को समर्पित रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम सभी अतिथियों द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर बाबा साहेब की प्रतिमा एवं माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रदेश स्तरीय समाज सेविका श्रीमती गायत्री सैनी (लाखेरी) रहीं।कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त शिक्षिका श्रीमती कैलाश मीणा ने की।विशिष्ट अतिथि के रूप में अकीला हनीफी (शिक्षिका), प्रभावती (शिक्षिका) एवं मंजू वर्मा (शिक्षिका) उपस्थित रहीं।विशेष आमंत्रित अतिथि द्रौपदी बाई, पिंकी सुमन एवं तुलसी बाई रहीं।कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन समाज सेविका एवं सेवानिवृत्त चिकित्सा विभाग, लाखेरी की शीला त्यागी द्वारा किया गया।इस अवसर पर सभी महिला अतिथियों एवं महिला शिक्षिकाओं का अंबेडकर कल्याण परिषद लाखेरी के संरक्षक डॉ. रामनिवास मीणा द्वारा भीम दुपट्टा, पुष्पगुच्छ एवं माता सावित्रीबाई फुले का स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।मुख्य अतिथि की बाइटमुख्य अतिथि श्रीमती गायत्री सैनी ने कहा कि “माता सावित्रीबाई फुले ने उस समय शिक्षा की अलख जगाई जब महिलाओं को पढ़ने का अधिकार भी नहीं था। उनका संपूर्ण जीवन संघर्ष, साहस और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा है। आज महिला शिक्षिकाएं उन्हीं के विचारों को आगे बढ़ा रही हैं।”दलित उत्थान शिक्षा से संभवमंच संचालक शीला त्यागी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “दलित, शोषित और वंचित समाज का वास्तविक उत्थान केवल शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। डॉ. अंबेडकर और सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा को सामाजिक क्रांति का सबसे सशक्त माध्यम माना।”परिषद अध्यक्ष रामशंकर बड़ोदिया के नेतृत्व में परिषद की पूरी टीम द्वारा महिला शिक्षिकाओं के साथ-साथ राजस्थान शिक्षक संघ अंबेडकर से जुड़े पदाधिकारियों एवं विशेष आमंत्रित अतिथियों का भी सम्मान किया गया।इसमें राजस्थान शिक्षक संघ अंबेडकर, बूंदी के जिला सभाध्यक्ष अमर सिंह बैरवा, जिला उपाध्यक्ष पृथ्वी लाल मीणा, लाखेरी ब्लॉक संरक्षक राकेश कुमार बैरवा (प्राचार्य), सभाध्यक्ष चंद्र मोहन पलिया, सलाहकार देवकिशन पलिया (व्याख्याता), लाखेरी ब्लॉक अध्यक्ष गुलाबचंद मेवलिया, महिला मंत्री मंजू वर्मा, चंद्रकला,कमला बाई,संतोष बाई,संगीता कुमारी, कलावती मीना ,श्यामा बाई ,अनिल कुमार शिक्षक, लोकेश कुमार शिक्षक, नरेंद्र कुमार शिक्षक, हरकेश बैरवा वरिष्ठ शिक्षक सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।साथ ही राजस्थान शिक्षक संघ अंबेडकर, इंद्रगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष गोपाल महावर, महामंत्री अजय कुमार बैरवा, सभाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष मिंटू कुमार, संगठन मंत्री नंदकिशोर सहित अनेक शिक्षक कार्यक्रम में शामिल हुए।परिषद द्वारा आगामी 14 अप्रैल 2026 को मनाई जाने वाली डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के आयोजन हेतु संयोजकों की नियुक्ति की गई, जिसमें एडवोकेट विनोद कुमार बैरवा, दुगाशंकर मीणा एवं सलीम मोहम्मद को संयोजक बनाया गया।14 अप्रैल 2026 को भव्य आयोजन की घोषणानवनियुक्त संयोजक एडवोकेट विनोद कुमार बैरवा ने कहा कि “14 अप्रैल 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को लाखेरी में ऐतिहासिक एवं भव्य रूप से मनाया जाएगा। इसमें सामाजिक समरसता, संविधानिक मूल्यों और युवा सहभागिता को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि बाबा साहेब के विचार जन-जन तक पहुंच सकें।”कार्यक्रम में बाहर से पधारे अतिथियों में रामेश्वर अखंड (सुमेरगंजमंडी, सामाजिक कार्यकर्ता), सैतान सिंह (प्रेस रिपोर्टर), बनवारी लाल (सामाजिक कार्यकर्ता), बृजमोहन मीणा (अध्यक्ष, जीएसएस पापड़ी), रामरतन गोचर, बाबूलाल महावर, राधा मार्मत, अनीता वर्मा, लोकेश मेघवाल, अनिल कुमार मेहरा, सद्दाम मंसूरी, प्रेमलाल बैरवा (शिक्षक), कमलेश वर्मा, बनवारी लाल बैरवा, सूरज बड़ोदिया, भवानी सिंह , राजेंद्र कुमार बैरवा, हरिप्रसाद, विष्णु प्रसाद, रमेश, मुकेश, लोकेश सैनी, कन्हैया लाल, मोडू लाल, महेन्द्र नरवाल सहित परिषद की कार्यकारिणी के सभी सदस्य उपस्थित रहे।परिषद के कोषाध्यक्ष बाबूलाल मेहरा ने कहा कि महिला शिक्षिकाओं को समर्पित परिषद का यह पहला कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। महिला अतिथियों द्वारा परिषद को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया गया तथा परिषद संचालन हेतु आर्थिक सहयोग राशि भी भेंट की गई।परिषद विकास पर बाइटपरिषद उपाध्यक्ष अमर सिंह बैरवा ने कहा कि अंबेडकर कल्याण परिषद लाखेरी सामाजिक समरसता, शिक्षा और संविधानिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर कार्य कर रही है।महिला शिक्षा पर अध्यक्ष की बाइटपरिषद अध्यक्ष रामशंकर बड़ोदिया ने कहा कि “महिला शिक्षा ही समाज की वास्तविक शक्ति है। सावित्रीबाई फुले और डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी हमारे मार्गदर्शक हैं।”कार्यक्रम के समापन की घोषणा परिषद अध्यक्ष रामशंकर बड़ोदिया ने की। अंत में सभी अतिथियों व सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्नेह-भोज का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की जानकारी परिषद उपाध्यक्ष अमर सिंह बैरवा ने दी।

