मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जो व्यक्ति कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ कोई काम करता है, वही सच्चा सुखी होता है क्योंकि मेहनत से मिली सफलता स्थायी होती है, वहीं आत्मविश्वास हमें चुनौतियों से लड़ने की ताकत देता है और यह दोनों मिलकर व्यक्ति को ना सिर्फ लक्ष्य तक पहुँचाते हैं बल्कि उसे एक बेहतर, दृढ़ और संतुष्ट इंसान बनाते हैं, जिससे जीवन में वास्तविक खुशी मिलती है क्योंकि वह जानता है कि उसकी हर उपलब्धि उसके अपने पसीने और दृढ़ निश्चय का फल है, ना कि किसी भाग्य का।
सुख कोई बाहरी वस्तु नहीं है, जिसे खरीदा जा सके। यह एक आंतरिक अनुभूति है, जो केवल उन्हीं को प्राप्त होती है, जो कर्मठ हैं और जिन्हें स्वयं पर विश्वास है। जो व्यक्ति अपनी मेहनत के बल पर अपना भाग्य लिखता है, वही दुनिया का सबसे सुखी और समृद्ध व्यक्ति है। इसलिए, हमें अपने कौशल विकास और पुरुषार्थ पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि यही सुख का असली मार्ग है।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

