Thursday, February 26, 2026
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डुॅगरपुर की आशा डामोर G-25 राष्ट्रों के लिए ‘ग्लोबल एम्बेसेडर’ नियुक्त।

रायना विकास सेवा संस्थान डुॅगरपुर की अध्यक्ष हैं श्रीमती आशा डामोर।

मूकनायक न्यूज/रामलाल यादव,संपादक(राजस्थान)

नई दिल्ली:नेपाल सरकार के प्रथम उपराष्ट्रपति माननीय न्यायमूर्ति परमानन्द झा के विशिष्ट सलाहकार कार्यालय में डुॅगरपुर निवासी श्रीमती आशा डामोर को G-25 राष्ट्रों के लिए “ग्लोबल एम्बेसेडर” के रूप में मनोनीत किया गया है। यह नियुक्ति अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच के माध्यम से की गई है, जिसका उद्देश्य भारत-नेपाल की सांस्कृतिक विरासत, पंचशील सिद्धांतों और वैश्विक समरसता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करना है।अंतर्राष्ट्रीय समरसता मंच के संयोजक डॉ. कुलदीप प्रसाद शर्मा, एडवोकेट एवं प्रथम उपराष्ट्रपति नेपाल के विशिष्ट सलाहकार ने बताया कि रायना विकास सेवा संस्थान डुॅगरपुर की अध्यक्ष आशा डामोर के सामाजिक योगदान, सतत सेवा कार्यों और विकासात्मक गतिविधियों के गहन मूल्यांकन के बाद उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चयनित किया गया।अपने दायित्व के अंतर्गत श्रीमती डामोर भारत, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, अल्जीरिया, अंगोला, ऑस्ट्रिया, क्रोएशिया, फिनलैंड, ट्यूनीशिया, जर्मनी, इराक, इज़राइल, मैसेडोनिया, मोरक्को, नीदरलैंड, नाइजीरिया, नॉर्वे, रोमानिया, डेनमार्क, श्रीलंका, मालदीव, किर्गिज़स्तान, फ़िलिस्तीन और फ़िजी सहित 25 देशों में भारत-नेपाल की वैदिक कालीन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करेंगी। साथ ही वे ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’, ‘ग्लोबल विलेज’ तथा ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ की अवधारणाओं को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का कार्य करेंगी।इसके अतिरिक्त, वे विभिन्न देशों की सरकारों और संस्थानों के साथ शिष्टाचार भेंट कर वैश्विक विकास योजनाओं और सहयोग के नए आयामों पर विचार-विमर्श करेंगी।नियुक्ति के पश्चात अपने प्रथम संदेश में श्रीमती आशा डामोर ने कहा कि वे भारत को विकासशील से विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल कराने के लिए निरंतर प्रयास करेंगी तथा अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के दौरान प्रवासी भारतीयों के सहयोग से भारत की सकारात्मक वैश्विक छवि को और सशक्त बनाएंगी।इस अवसर पर प्रथम उपराष्ट्रपति नेपाल ने अपने बधाई संदेश में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि श्रीमती आशा डामोर निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर भारत का गौरव बढ़ाएंगी तथा एक सृजनशील और समरस समाज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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