मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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भीषण गर्मी में आसमान से आग बरस रही है। गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है, लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करें ताकि खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पंछियों को राहत मिल सके। पानी न मिले तो पक्षी बेहोश होकर गिर पड़ते हैं। गर्मी में पक्षियों के लिए भोजन की भी कमी रहती है। पक्षियों के भोजन कीड़े-मकोड़े गर्मियों में नमी वाले स्थानों में ही मिल पाते हैं। खुले मैदान में कीड़ों की संख्या कम हो जाती है, जिससे पक्षियों को भोजन खोजने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। पक्षियों को ज़्यादा गर्मी से बचाने के लिए उसे ठंडी छायादार और आरामदायक जगह दें। सीधी धूप से बचाएं। पक्षियों के पिंजरे को विशेष रूप से दिन के सबसे गर्म समय में छाया में रखें ।
गर्मी में प्यासे परिंदों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना एक नेक कार्य है, जो न केवल उन्हें जीवन देता है बल्कि हमें भी आत्मिक शांति प्रदान करता है । गर्मियों में पशु-पक्षियों को आसानी से पीने का पानी मिल सके, इसके लिए आप अपने घर और आसपास पानी की व्यवस्था कर सकते हैं। आप घर की छतों, बालकनी में छायादार जगह पर पानी के बर्तन रख सकते हैं । इसके अलावा आप पक्षियों के लिए छतों पर भी दाना-पानी की व्यवस्था भी कर सकते हैं । पक्षियों के घर के आंगन और बालकनी में आने से घर में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है। ऐसे में यदि आप नियमित रूप से पक्षियों को पानी पिलाते हैं, खाना खिलाते हैं तो इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। आपको यदि डिप्रेशन की समस्या है तो वह कम हो जाती है। इससे मन को संतुष्टि मिलती है और आपका दिमाग शांत रहता है।
बिरदीचंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

