मूकनायक/देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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हर इंसान में खूबियां और कमियां दोनों होती हैं। खूबियों में हमारे अंदर ईमानदारी, दयालुता और प्रतिभा आदि सकारात्मक गुण होते हैं, जो हमें दूसरों से अलग बनाते हैं। वहीं कमियां, हमारे अंदर नकारात्मक गुण या कमजोरियाँ दर्शाती हैं, जो हमें सुधारने का अवसर देती हैं। जल्दबाजी में निर्णय लेना और परिवार के सदस्यों को नजरंदाज कर दूसरों की राय लेना और उनकी आलोचना करना इंसान की एक बड़ी कमजोरी होती है, जबकि परिवार के बिना इंसान का जीवन अधूरा होता है। संस्कार इंसान के जीवन को दिशा देते हैं जिसके कारण संस्कारों का पालन न करना भी एक बड़ी कमजोरी होती है । अपनी खूबियों और कमियों को स्वीकार करना और उन पर काम करना, जीवन में सफलता और खुशी के लिए महत्वपूर्ण है ।
इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी उसका अपना अहंकार और आत्म-संदेह है। यह उसे आगे बढ़ने से रोकता है और उसके सपनों को अधूरा छोड़ देता है । हार मान लेना भी एक बड़ी कमजोरी है क्योंकि सफल होने का सबसे निश्चित तरीका हमेशा प्रयास करना है । अहंकार के कारण, इंसान दूसरों की बात सुनने से भी इंकार कर देता है । अक्सर हर इंसान में कोई ना कोई कमी अवश्य होती है । इसलिए किसी की कमियां मत निकालिए क्योंकि कोई भी इंसान अपनी निंदा सुनना पसंद नहीं करता। आज हम किसी की कमियां निकालेंगे तो, कल वह भी हमारी कमियां ढूंढनी शुरू कर देगा, जिसके फलस्वरूप सफलता के रास्ते पर चलने के लिए उन बारूदी सुरंगों से बचिए, जिन्हें दूसरे शब्दों में गुस्सा, बेईमानी और अनादर कहते हैं।
बिरदी चंद गोठवाल, नारनौल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

