मूकनायक/ देश
राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
मजदूर दिवस, बाबा साहब के द्वारा दी गई एक बहुत बड़ी सौगात है, वरदान है, अनुकम्पा है! जिसके लिए हमें बाबा साहब का आभारी होना चाहिए! कृत्यज्ञ होना चाहिए
मनन करें, क्या हम पढ़ लिखकर भी इस वरदान को, इस सौगात को आज संजोए हुए हैँ? या हमारे हाथ से यह अधिकार फिसल रहा है!
आज फैक्ट्रीयों मे, ठेकेदारों, मिल मालिकों द्वारा 12-12 घंटे काम लिया जाता है! 50 मजदूरों के काम को 25 मजदूरों से करवाने का प्रयास किया जाता है!
काम सामान वेतन भी नहीं दिया जाता
साप्ताहिक अवकाश भी बंद कर दिए गए हैँ!
मजदूरों का उत्पीड़न होना आम बात हो गई है!
मजदूरों से मारपीट कर के उन्हें बिना वेतन दिए ही काम से निकाल दिया जाता है!
अब यह अधिकार दिलाने बाबा साहब तो आएंगे नहीं
बाबा साहब द्वारा दिलाये अधिकारों कि रक्षा करना अब पढ़े लिखें युवाओं/समाज सेवियों कि जिम्मेदारी है।
लेखक:रोहताश कुमार आज़ाद

