Monday, September 28, 2026
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RCFC बचाओ संघर्ष समिति कि हड़ताल का 28वां दिन जनता में आक्रोश जल्द रद्द हो संस्थान के स्थानांतरण का आदेश | 

केंद्र व राज्य सरकार का उदासीन रवैया नहीं हुई कोई बात |

ठाकुर दास भारती मंडी हिमाचल प्रदेश |  RCFC बचाओ संघर्ष समिति जोगिंदर नगर की भूख हड़ताल आज 28वें दिनमें प्रवेश करने के बावजूद केंद्र व राज्य सरकार के उदासीन एवं नकारात्मक व्यवहार के खिलाफ न केवल संघर्ष समिति के नेताओं बल्कि जोगिंदर नगर सहित समस्त कांगड़ा, मंडी, चंबा, कुल्लू व लाहौल स्पीति जिलों की जनता में भारी आक्रोश है। 

आज 28वें दिन भूख हड़ताल में बैठने वालों में सेवानिवृत अधिशाषी अभियंता कृपाल ठाकुर, सेवानिवृत सहायक अभियंता बृज गोपाल अवस्थी, व्यवसायी एवं गैस एजेंसी के मालिक दमनदीप सिंह तथा हराबाग से प्रेम सिंह भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 

इस अवसर पर संघर्ष समिति के महासचिव रोटेरियन अजय ठाकुर, सलाहकार एवं सेवानिवृत एक्सियन अमर सिंह जसवाल, उपाध्यक्ष कैप्टन लाभ सिंह धरवाल, सचिव कर्म चंद, सलाहकार भूपेंद्र पाल ठाकुर, तारा चंद ठाकुर, नेरी चिमनू से मनीष शर्मा, लांगणा पंचायत के प्रधान, जवाहर लाल, एडवोकेट अनिल कुमार, मनोज कुमार, रमेश चंद तथा संघर्ष समिति के संयोजक कुशाल भारद्वाज सहित कई लोग उपस्थित थे। 

इस मौके पर संघर्ष समिति के महासचिव अजय ठाकुर ने पिछले कल और आज की भूख हड़ताल टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि जब तक RCFC को स्थानांतरित करने की नोटिफिकेशन रद्द नहीं की जाती है तब तक जनता का ये आंदोलन जारी रहेगा।

इस अवसर पर संघर्ष समिति के सलाहकार इंजीनियर बृज गोपाल अवस्थी ने कहा केंद्र सरकार और राज्य सरकार के नकारात्मक रवैए की कड़ी निंदा की तथा चेतावनी दी कि सत्ता से जुड़े जो नेता इस संघर्ष से दूरी बना रहे हैं, जनता उनको भी सबक सिखाएगी। 

इस अवसर पर संघर्ष समिति के संयोजक कुशाल भारद्वाज तथा सलाहकार इंजीनियर कृपाल ठाकुर ने कहा कि एक संस्थान को शिफ्ट करने का फैसला कोई अधिकारी नहीं, बल्कि सरकार लेती है और जब केंद्र सरकार ने जोगिंदर नगर में स्थापित इस संस्थान को दूसरे जिला में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया होगा तो निश्चित ही राज्य सरकार से भी पूछा ही होगा। एक ऐसे समय में जब समस्त जनता तथा समस्त राजनीतिक पार्टियों के समर्थक भी इस आंदोलन से जुड़े हैं तो वहीं केंद्र व प्रदेश की सत्ता के नजदीकी नेता लोग इस आंदोलन से दूरी बना रहे हैं। होना तो यह चाहिए था कि क्षेत्र का संस्थान छीने जाने पर इन नेताओं को इस संघर्ष में सबसे आगे होना चाहिए था और अपनी अपनी पार्टी की सरकारों पर इस संस्थान को बहाल बनाने का दवाब बनाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर, मंडी की सांसद कंगना रनौत तथा राज्य सभा सांसद अनुराग शर्मा से हमें उम्मीद है कि इस क्षेत्र की सुविधा छीने जाने के मुद्दे को वे पूरी शिद्दत से केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे और शिफ्टिंग की नोटिफिकेशन रद्द करवाकर क्षेत्र की जनता को बड़ी राहत दिलाएंगे।

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