Tuesday, September 29, 2026
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स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति का 181वां जागरूकता सप्ताह संपन्न, पौधारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता के साथ गाजर घास उन्मूलन का संदेश

रायपुर, भिलाई, बालोद और दुर्ग के विभिन्न स्थानों पर चला अभियान, नदी-तालाब एवं मंदिर परिसरों की सफाई कर लोगों को किया जागरूक

दुर्ग। हरा-भरा, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण बनाने के उद्देश्य से स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ द्वारा लगातार 181वें जागरूकता सप्ताह के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति एवं गाजर घास उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। समिति के संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल के मार्गदर्शन में आयोजित अभियान के दौरान टीम के सदस्यों ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।

अभियान के तहत महादेव घाट रायपुर, भिलाई सेक्टर-7 सड़क क्रमांक 33 स्थित शिव हनुमान मंदिर, कपिश्वर मंदिर भिलाई, शिव दुर्गा मंदिर भिलाई, शिव पार्वती धाम बालोद, दुर्गा मंदिर सुरेगांव तथा ग्राम अंजोरा दुर्ग सहित विभिन्न स्थानों पर साफ-सफाई की गई। सार्वजनिक स्थलों पर फैले प्लास्टिक, झिल्ली, कागज, खाद्य पदार्थों के रेपर, प्लास्टिक चम्मच, पानी के पाउच, प्लास्टिक बोतल, गुटखा पाउच, जूठे दोना-पत्तल, शराब की बोतल एवं डिस्पोजल सहित अन्य कचरे को एकत्र कर निर्धारित स्थान पर डंप किया गया।

महादेव घाट से मंदिर परिसरों तक चला स्वच्छता अभियान

रायपुर के महादेव घाट में समिति के सक्रिय सदस्य शंकर गोटे की टीम द्वारा शिव मंदिर एवं घाट परिसर में साफ-सफाई की गई। टीम द्वारा लगातार लोगों को नदी एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में भिलाई सेक्टर-7 सड़क क्रमांक 33 स्थित शिव हनुमान मंदिर परिसर की सफाई कर एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थान पर पहुंचाया गया।

बालोद के शिव पार्वती धाम, सुरेगांव के शिव मंदिर महाकाल, भिलाई के शिव दुर्गा मंदिर एवं कपिश्वर धाम तथा ग्राम अंजोरा दुर्ग में गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक गाजर घास को जड़ से उखाड़कर नष्ट किया गया, ताकि वह दोबारा न उग सके। समिति का कहना है कि लगातार अभियान चलाने से कई स्थानों पर गाजर घास में काफी कमी आई है।

नदी-तालाब और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने की अपील

समिति के सदस्यों ने नदी, तालाब, मंदिर एवं सार्वजनिक स्थलों पर आने वाले लोगों से कचरा इधर-उधर नहीं फेंकने और निर्धारित स्थान पर ही डालने की अपील की। बैनर, नारे, स्लोगन एवं कविताओं के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति और गाजर घास उन्मूलन के प्रति जागरूक किया गया।

अभियान के दौरान ‘जल है तो बल है’, ‘जल ही जीवन धारा है, जिसने हमें संवारा है’, ‘जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ’, ‘पौधे लगाकर पेड़ बनाओ, जीवन में खुशियां बरसाओ’ और ‘नशे का होना आदी, घर-परिवार की है बर्बादी’ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

समिति द्वारा पौधारोपण के महत्व को बताते हुए ‘जितने काटोगे पेड़, उससे अधिक हम लगाएंगे, जमीन कम पड़ेगी तो क्या आसमान में भी उगाएंगे’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित किया गया।

पौधारोपण के साथ पौधों की देखभाल पर भी जोर

अभियान के दौरान पूर्व में लगाए गए पौधों की भी देखभाल की गई। टीम ने ट्री गार्ड में लगाए गए पौधों के आसपास निंदाई-गुड़ाई कर उन्हें सुरक्षित रखने का कार्य किया। समिति के संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि केवल पौधारोपण कर देने से पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होता, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पौधारोपण निर्धारित स्थान पर किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में पौधों को काटने की आवश्यकता न पड़े और आम लोगों की आवाजाही में परेशानी भी न हो। पौधों की सुरक्षा के लिए लगभग आठ फीट ऊंचे ट्री गार्ड अथवा उचित सुरक्षा घेरे का उपयोग किया जाना चाहिए, जिससे पौधे सुरक्षित रहकर तेजी से विकसित हो सकें और उनकी देखभाल भी आसानी से की जा सके।

हर तालाब में कुंड निर्माण की मांग

नवनीत कुमार हरदेल ने कहा कि स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति द्वारा प्रतिवर्ष गर्मी से पहले जल संरक्षण, बारिश के मौसम में पौधारोपण तथा गाजर घास उन्मूलन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। कई अवसरों पर निगम प्रशासन भी समिति के साथ सहभागिता करता रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तालाब में कुंड निर्माण किया जाना आवश्यक है। तालाब की सफाई के बाद उसमें पानी भरने से जल को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि पूजा-पाठ में कम से कम ऐसी सामग्री का उपयोग करें जिसे बाद में नदी या तालाब में विसर्जित करना पड़े। नदी एवं तालाब में अनावश्यक पूजन सामग्री डालने से पानी में गंदगी और दुर्गंध फैलती है। स्वच्छता को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता में ही ईश्वर का वास है।

शिवनाथ नदी घाट से कचरा तत्काल उठाने की मांग

नवनीत कुमार हरदेल ने दुर्ग निगम प्रशासन से शिवनाथ नदी स्थित मुक्ति धाम महमरा एनीकट क्षेत्र में घाट पर जमा कचरे को तत्काल उठाकर निर्धारित स्थान पर डंप कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग स्नान के लिए पहुंचते हैं। लोगों द्वारा घाट से निकाला गया कचरा एक स्थान पर एकत्रित किया गया है, जिसे समय पर हटाया जाना जरूरी है, ताकि नदी घाट की स्वच्छता बनी रहे।

‘हम सफाई कर्मचारी नहीं, जागरूकता के लिए करते हैं श्रमदान’

समिति की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य थनेश्वरी हरदेल ने कहा कि समिति के सदस्य सफाई कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि समाज में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से स्वयं श्रमदान करते हैं। उन्होंने कहा कि टीम स्वयं कचरा उठाकर लोगों को यह संदेश देने का प्रयास करती है कि प्रत्येक नागरिक अपने आसपास की स्वच्छता की जिम्मेदारी समझे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति द्वारा स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और गाजर घास उन्मूलन को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास भी इसी तरह स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का कार्य करें और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

गाजर घास को जड़ से उखाड़कर किया जा रहा नष्ट

समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष बारिश के मौसम में गाजर घास उन्मूलन अभियान चलाया जाता है। अभियान के दौरान गाजर घास को केवल काटने के बजाय जड़ से उखाड़कर नष्ट करने पर जोर दिया जाता है, ताकि वह दोबारा न उग सके। समिति के अनुसार लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण कई स्थानों पर गाजर घास की समस्या में कमी देखने को मिली है।

समिति सदस्यों एवं नागरिकों ने निभाई सहभागिता

181वें जागरूकता सप्ताह के अभियान में प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल, संयुक्त सचिव सुरेंद्र साहू, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य थनेश्वरी हरदेल, टीनल हरदेल, सूर्या हरदेल, सरोज टहनगुरिया, श्वेता जैन, निकिता जयेश शिंगणे, भानु शंकर बेलचंदन, कार्तिक राम चंद्राकर, भानु सिंह साहू, चंद्रवती देवी, लक्ष्मण सिंह, रमेश चौधरी, सीमा चौधरी, डेरहा देशमुख, टिकेंद्र हरदेल बालोद, भागीरथी सिन्हा, दाऊ लाल बघेल, दुर्योधन साहू, राजेश कुमार, विमल टहनगुरिया, शंकर गोटे, विकास गोटे, निर्मला गोटे सहित अनेक गणमान्य नागरिकों एवं समिति सदस्यों ने सहभागिता निभाई।

समिति ने अभियान के माध्यम से आम नागरिकों से अपील की कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति, संस्था या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘स्वच्छ धरा पर चल, होगा हर समस्या हल’ के संदेश के साथ अभियान को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।

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