Tuesday, September 29, 2026
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‘लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण’ के मूलमंत्र के साथ अधोसंरचना विकास को नई गति : अरुण साव

ढाई वर्षों में 12,666 करोड़ रुपए के 1,572 कार्यों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति, 1,285 सड़कें, 247 पुल और 42 भवन निर्माण कार्य शामिल

रायपुर, 19 अगस्त 2026। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने बुधवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के कार्यों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास का आधार है। सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण के साथ विभागीय कार्यों में तेजी तथा प्रशासनिक कसावट लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

अरुण साव ने बताया कि दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग को 12,666 करोड़ रुपए से अधिक लागत के कुल 1,572 निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इनमें 1,285 सड़क निर्माण, 247 पुल निर्माण और 42 भवन निर्माण कार्य शामिल हैं।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसंबर 2023 से मार्च 2024 तक 80 कार्यों के लिए 551 करोड़ 42 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इनमें 374 किलोमीटर लंबाई की 72 सड़कें, छह पुल और दो भवन शामिल हैं।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,590 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत के कुल 438 कार्यों को स्वीकृति मिली। इनमें 1,465 किलोमीटर लंबाई की 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन निर्माण कार्य शामिल है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 को लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक बताते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 9,129 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। यह राज्य निर्माण के बाद पिछले 25 वर्षों के इतिहास में विभाग को मिली सर्वाधिक प्रशासकीय स्वीकृति है। इस दौरान 5,129.60 किलोमीटर लंबाई की 754 सड़कों, 200 पुलों और 39 भवनों सहित कुल 993 कार्यों को मंजूरी दी गई।

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक विभाग को 608 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किलोमीटर लंबाई की 59 सड़कें और दो पुलों के निर्माण कार्य शामिल हैं।

अरुण साव ने बताया कि निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के साथ विभागीय प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। बेहतर संचालन और प्रशासनिक कसावट के लिए सात नए संभागीय कार्यालय तथा 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकताओं में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण भी शामिल है। साथ ही विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ (WAMIS—Work and Accounts Monitoring Integration System) लागू किया जाएगा।

इस प्रणाली के लागू होने के बाद डीपीआर तैयार करने से लेकर कार्यों की स्वीकृति और अन्य विभागीय प्रक्रियाएं ऑनलाइन एवं एकीकृत प्रणाली के माध्यम से संचालित होंगी। इससे प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने के साथ निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के उपयोग से विभागीय कामकाज में सुगमता के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी में भी सुधार होगा। राज्य में ‘लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण’ के मूलमंत्र के साथ अधोसंरचना विकास को नई गति देने के लिए सरकार लगातार सक्रियता से काम कर रही है।

प्रेस-कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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