
10,160 हितग्राहियों के खातों में डिजिटल माध्यम से सीधे पहुंची प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि, वनवासी परिवारों को मिला आर्थिक संबल
रायपुर, 14 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वनवासी एवं तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण की प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) राशि का ऑनलाइन भुगतान किया गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल अंतर्गत पेण्ड्रारोड जिला लघु वनोपज सहकारी संघ के माध्यम से 9 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के 10,160 हितग्राहियों के बैंक खातों में 1 करोड़ 39 लाख 36 हजार 718 रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई।
एमएफपी कलेक्शन एंड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से पूरी भुगतान प्रक्रिया डिजिटल एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई। जिले में 6,593 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण के आधार पर बोनस राशि वितरित की गई, जिससे हितग्राहियों को बिना किसी विलंब के सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त हुई।
राज्य सरकार का उद्देश्य वनवासी समुदायों की आजीविका को सुदृढ़ करना, समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा लघु वनोपज आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। डिजिटल भुगतान व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और संग्राहकों में उत्साह का वातावरण बना है।
वनमंडल अधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक ग्रीष्मी चांद के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान से हजारों वनवासी परिवारों को आर्थिक राहत मिली है। हितग्राही इस राशि का उपयोग कृषि कार्य, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक घरेलू जरूरतों की पूर्ति में कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए 4 हजार रुपये प्रति मानक बोरा की दर से पारिश्रमिक का भुगतान पहले ही किया जा चुका था। अब बोनस राशि मिलने से संग्राहकों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है, जिससे वनवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

