Tuesday, September 29, 2026
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वर्षा के दौरान जलभराव की स्थिति में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय में तत्काल अवकाश घोषित करने के निर्देश

बम्हनीडीह। लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईत ने विकासखंड के समस्त शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रधान पाठकों को छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जारी निर्देशों के अनुसार यदि किसी विद्यालय परिसर, भवन, खेल मैदान अथवा विद्यालय तक पहुँचने वाले मार्ग में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है और उससे विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित होने, विद्युत करंट लगने, भवन संबंधी दुर्घटना या किसी अन्य प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका हो, तो ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित विद्यालय में तत्काल अवकाश घोषित किया जाए। साथ ही इसकी सूचना बिना विलंब के विकासखंड शिक्षा कार्यालय एवं जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने निर्देशित किया है कि विद्यालय प्रबंधन वर्षा के दौरान विशेष सतर्कता बरते तथा विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को समाप्त करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल सुनिश्चित करे। विद्यालय भवन, कक्षाओं, बरामदों, शौचालयों, स्टोर रूम, फर्नीचर रखने के स्थान, कबाड़ सामग्री वाले क्षेत्रों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों का नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि किसी प्रकार की जोखिमपूर्ण स्थिति समय रहते दूर की जा सके।

उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में सांप, बिच्छू तथा अन्य विषैले जीव-जंतुओं के विद्यालय परिसरों में प्रवेश की संभावना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए विद्यालय परिसर की नियमित एवं समुचित साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, जल निकासी तथा कबाड़ सामग्री के व्यवस्थित निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिन स्थानों पर ऐसे जीव-जंतु छिप सकते हैं, वहां विशेष निगरानी रखते हुए आवश्यक सावधानी बरती जाए।

रत्ना थवाईत ने सभी विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रतिदिन विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा करें तथा किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने दोहराया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा। इन निर्देशों का उद्देश्य वर्षा ऋतु के दौरान विद्यालयों में सुरक्षित एवं व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना तथा विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की दुर्घटना से सुरक्षित रखना है।

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