Tuesday, September 29, 2026
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बारिश में करंट से बचें, सीएसपीडीसीएल ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरीटूटे तार, बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मरों से दूरी बनाए रखने की अपील, आपात स्थिति में 1912 पर दें सूचना

रायपुर, 7 जुलाई। प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के साथ ही बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) ने नागरिकों के लिए विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए बारिश के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए विद्युत लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों, बिजली के खंभों और अन्य विद्युत उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

सीएसपीडीसीएल के अनुसार बारिश और आंधी-तूफान के दौरान बिजली के खंभों, एचटी लाइनों या टूटे हुए तारों के संपर्क में आने से हर वर्ष दुर्घटनाएं होती हैं। ऐसे में यदि कहीं बिजली का खंभा, तार या अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल टोल-फ्री नंबर 1912, ‘मोर बिजली’ एप अथवा निकटतम विद्युत वितरण केंद्र या जोन कार्यालय को दें। किसी भी स्थिति में स्वयं मरम्मत करने या विद्युत उपकरणों से छेड़छाड़ करने का प्रयास न करें।

कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और खुले तारों के आसपास जमा पानी में जाने से बचें, क्योंकि ऐसे स्थानों पर करंट फैलने की आशंका रहती है। विद्युत उपकरणों का उपयोग करते समय हाथ-पैर सूखे रखें तथा रबर या प्लास्टिक के जूते-चप्पलों का उपयोग करें। घरों, खेतों और अन्य स्थानों पर केवल गुणवत्तापूर्ण विद्युत सामग्री का ही उपयोग करें।

एडवाइजरी में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी गई है। खेतों या बाड़ियों की तारबाड़ में बिजली प्रवाहित करना न केवल अवैध है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा बिजली की लाइनों के नीचे या उनके समीप स्थायी अथवा अस्थायी निर्माण नहीं करने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

सीएसपीडीसीएल ने बताया कि यदि कोई विद्युत तार टूटकर जमीन, नदी, नाले या तालाब में गिरा हुआ दिखाई दे तो उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखें और तत्काल लाइनमैन, कनिष्ठ अभियंता अथवा टोल-फ्री नंबर 1912 पर सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराएं। बिजली की हुकिंग कर अनधिकृत रूप से विद्युत उपयोग नहीं करें। कपड़े सुखाने के लिए बिजली के खंभों या स्टे वायर का उपयोग न करें तथा कपड़े सुखाने वाले तार को विद्युत लाइनों से पर्याप्त दूरी पर रखें। बच्चों को भी बिजली के उपकरणों और लाइनों के आसपास खेलने से रोकें।

कंपनी ने करंट लगने की स्थिति में प्राथमिक उपचार संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी जारी किए हैं। सबसे पहले मुख्य स्विच बंद कर विद्युत प्रवाह रोकें। यदि ऐसा संभव न हो तो सूखी लकड़ी, सूखी रस्सी या सूखे कपड़े की सहायता से पीड़ित को बिजली के स्रोत से अलग करें। सीधे हाथ लगाने से बचें। पीड़ित को सुरक्षित एवं सूखी जगह पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दें, आवश्यकता पड़ने पर कृत्रिम श्वास दें तथा तत्काल निकटतम अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें।

सीएसपीडीसीएल ने बताया कि बारिश, आंधी-तूफान और प्रतिकूल मौसम के दौरान विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। ऐसे समय में बिजली कर्मी लगातार फॉल्ट ढूंढ़ने और सुधार कार्य में जुटे रहते हैं। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर घबराने के बजाय कुछ समय प्रतीक्षा करें तथा आवश्यकता होने पर टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही सुधार कार्य के दौरान विद्युत कर्मचारियों का सहयोग करें और विद्युत लाइनों एवं उपकरणों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें।

कंपनी का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से ही बारिश के मौसम में विद्युत दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है और विद्युत व्यवस्था को भी सुरक्षित एवं सुचारू बनाए रखा जा सकता है।

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