
बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच प्रशासन की विशेष पहल, गांवों में ही मिला खाद्यान्न
रायपुर, 9 जुलाई। नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष पहल करते हुए ट्रैक्टर के माध्यम से तीन माह का खाद्यान्न गांवों तक पहुंचाया। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल गांवों के 151 राशनकार्डधारी परिवारों को जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन एक साथ वितरित किया गया।
खाद्य विभाग के अनुसार मुरुमवाड़ा के 98, गुडेकोर के 13, दिवालूर के 32, धोबे के 3, बोटेर के 2 तथा हरबेल के 3 राशनकार्डधारी परिवारों को निर्धारित मात्रा में तीन माह का खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। बरसात के मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राशन सामग्री ट्रैक्टर के जरिए सीधे गांवों तक पहुंचाई गई, जिससे हितग्राहियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

इन गांवों तक पहुंचना सामान्य दिनों में भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। कच्चे रास्ते, घने जंगल, नदी-नाले और लंबी दूरी के कारण आवागमन प्रभावित रहता है, जबकि वर्षा ऋतु में स्थिति और अधिक कठिन हो जाती है। पहले ग्रामीणों को राशन लेने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, लेकिन प्रशासन की इस व्यवस्था से अब उन्हें अपने गांव में ही खाद्यान्न उपलब्ध हो गया। इससे समय और श्रम दोनों की बचत हुई है।
खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया संबंधित विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई। प्रत्येक पात्र परिवार को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया गया, जिससे आगामी तीन माह तक उनकी खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि गांव में ही राशन मिलने से विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें कठिन रास्तों से होकर लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
जिला प्रशासन ने कहा कि जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी के साथ दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था के माध्यम से खाद्यान्न पहुंचाने की कार्ययोजना पर लगातार कार्य किया जा रहा है।

