Sunday, July 26, 2026
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छू लो आसमान की बेटियों ने नीट-यूजी में लहराया परचम

दंतेवाड़ा की 10 छात्राओं ने राष्ट्रीय परीक्षा में हासिल की सफलता, एमबीबीएस, बीडीएस, आयुर्वेद और पशु चिकित्सा पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश का अवसर

दंतेवाड़ा जिले के ‘छू लो आसमान’ कन्या आवासीय कोचिंग सेंटर, कारली की छात्राओं ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 में शानदार प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। दूरस्थ आदिवासी अंचल की 10 छात्राओं की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि बेहतर शिक्षा, समर्पित मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम के बल पर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर सकती हैं। छात्राओं की सफलता से पूरे जिले में उत्साह का माहौल है।

संस्थान की छात्रा दीपा मरकाम ने 412 अंक प्राप्त कर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इसके अलावा नेहा नायक ने 388 अंक, उर्वशी ठाकुर ने 375 अंक, तनिषा दास ने 355 अंक, वासनी कोवाशी ने 345 अंक, दिव्यांजलि मोड़ियामी ने 317 अंक, पारो मरकाम ने 312 अंक, प्रार्थना सोरी ने 310 अंक, रानू कुंजाम ने 308 अंक तथा रिंकी नाग ने 300 अंक अर्जित किए। इन सभी छात्राओं को काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से एमबीबीएस, बीडीएस, आयुर्वेद और पशु चिकित्सा जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

संस्था प्रबंधन के अनुसार यह सफलता छात्राओं की निरंतर मेहनत, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट सीरीज़ और अनुशासित अध्ययन वातावरण का परिणाम है। प्रतियोगी परीक्षाओं की सुनियोजित तैयारी के लिए संस्थान में विशेष व्यवस्था की जाती है, जिसके कारण हर वर्ष बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।

छात्राओं की इस उपलब्धि पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर तथा जिला मिशन समन्वयक हरीश गौतम ने भी छात्राओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने सफल छात्राओं को मिठाई खिलाकर सम्मानित किया और उनके इस प्रदर्शन को जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने क्षेत्र की सफल छात्राओं एवं उनके परिजनों से घर जाकर मिलने की बात भी कही।

सफल छात्राओं ने अपनी उपलब्धि का श्रेय ‘छू लो आसमान’ कन्या आवासीय कोचिंग सेंटर के शिक्षकों, नियमित मार्गदर्शन और अध्ययन के अनुकूल वातावरण को दिया। उन्होंने भविष्य में चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करने का संकल्प व्यक्त किया। साथ ही दंतेवाड़ा में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर खुशी जताते हुए आगे की पढ़ाई वहीं करने की इच्छा भी व्यक्त की।

‘छू लो आसमान’ कन्या आवासीय कोचिंग सेंटर की यह सफलता प्रदेश में बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरी है। यह उपलब्धि बताती है कि यदि दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित संसाधन और सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, तो वे किसी भी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। छात्राओं की यह सफलता दंतेवाड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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