मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट उप संपादक उत्तर प्रदेश नई दिल्ली/ दिल्ली
नई दिल्ली,अम्बेडकर भवन। बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया स्टेट दिल्ली द्वारा राजधानी स्थित अंबेडकर भवन में धम्म चक्र परिवर्तन दिवस का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया कार्यक्रम में दिल्ली के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समाजसेवी, बौद्ध अनुयायी, समता सैनिक दल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए पूरे कार्यक्रम के दौरान बौद्ध धम्म, करुणा, मैत्री, भाईचारे और सामाजिक समता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत तथागत गौतम बुद्ध एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद विभिन्न जिलों द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गई इन झांकियों में बौद्ध धर्म के इतिहास, भगवान बुद्ध के जीवन, धम्म चक्र परिवर्तन तथा डॉ. अंबेडकर के सामाजिक आंदोलन को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया निर्णायक मंडल ने झांकियों का मूल्यांकन कर प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जिन जिलों की झांकियां उत्कृष्ट रहीं उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया वहीं जिन प्रतिभागियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा उन्हें भी प्रोत्साहित करते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर पूरे वर्ष बौद्ध धम्म के प्रचार-प्रसार सामाजिक जागरूकता और संगठन को मजबूत करने के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं को प्रतिष्ठित ‘भीमरत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया इस वर्ष यह सम्मान उपासक अमरचंद बौद्ध को प्रदान किया गया वहीं उत्कृष्ट सामाजिक एवं संगठनात्मक कार्यों के लिए संदीप स्वरूप बौद्ध को द्वितीय सम्मान से सम्मानित किया गया सम्मानित किए गए सभी कार्यकर्ताओं का उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अभिनंदन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सी. एस. भंडारी ने की जबकि कार्यक्रम के कोषाध्यक्ष राजपाल सिंह गौतम रहे अपने अध्यक्षीय संबोधन में सी. एस. भंडारी ने धम्म चक्र परिवर्तन दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि आज ही के दिन सारनाथ में तथागत गौतम बुद्ध ने अपने पाँच शिष्यों को प्रथम बार धम्म का उपदेश दिया था यही घटना बौद्ध धर्म के औपचारिक प्रचार-प्रसार की शुरुआत मानी जाती है इसी कारण पूरे विश्व में इस दिन को धम्म चक्र परिवर्तन दिवस के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म केवल एक धर्म नहीं बल्कि मानवता, समानता, करुणा, अहिंसा और बंधुत्व का मार्ग है आज के समय में बुद्ध के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं और समाज को उनके बताए मार्ग पर चलकर शांति एवं सामाजिक समरसता स्थापित करनी चाहिए उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने तथा बौद्ध धम्म के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
‘भीमरत्न सम्मान’ से सम्मानित उपासक अमरचंद बौद्ध ने अपने संबोधन में कहा कि तथागत गौतम बुद्ध का धम्म पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है उन्होंने कहा कि बुद्ध का संदेश करुणा, मैत्री, भाईचारे और मानव कल्याण का संदेश है जिसे जन-जन तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है उन्होंने कहा कि यदि समाज बुद्ध के विचारों को अपनाए तो आपसी भेदभाव, हिंसा और सामाजिक असमानता को समाप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी भगवान बुद्ध एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक एकता, शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि बौद्ध धम्म आज विश्व के अनेक देशों में तेजी से विस्तार कर रहा है और भारत में भी समाज के विभिन्न वर्ग बुद्ध के मानवतावादी विचारों से प्रेरित होकर आगे बढ़ रहे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए सी. एस. भंडारी ने कहा कि ‘भीमरत्न सम्मान’ केवल उन्हीं व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने पूरे वर्ष समाज, संगठन और बौद्ध धम्म के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी योगदान दिया हो उन्होंने बताया कि यह सम्मान प्रत्येक वर्ष योग्य व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है ताकि समाज में सेवा, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य करने वालों का उत्साहवर्धन हो सके उन्होंने सभी लोगों से तथागत गौतम बुद्ध के विचारों को अपने जीवन में अपनाने तथा धम्म के मार्ग पर चलकर समाज में शांति, समानता और भाईचारे का वातावरण बनाने का संदेश दिया।
भव्य आयोजन के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने धम्म, मानवता और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, समता सैनिक दल के सदस्यों और विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिला

