
रायपुर, 29 जून। राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में सोमवार को संत कबीर जयंती महोत्सव श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथी अनुयायी शामिल हुए। अतिथियों ने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की तथा आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत संत कबीर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं गुरु असंग देव के आशीर्वचन से हुई। गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने अपने जीवन के माध्यम से समाज में व्याप्त पाखंड, कुरीतियों और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण का कार्य किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज में आपसी प्रेम और संवाद की कमी चिंता का विषय है। यदि संत कबीर के विचारों को जीवन में अपनाया जाए तो सामाजिक समरसता और भाईचारे को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को मानव जीवन का आधार बताते हुए सभी से इन कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद के कारण विकास बाधित था, वहां अब शांति स्थापित हो रही है और विकास के नए द्वार खुल रहे हैं।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर केवल एक संत नहीं, बल्कि समाज सुधारक, विचारक और मानवता के महान मार्गदर्शक थे। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच, छुआछूत और आडंबर का विरोध करते हुए सत्य, समानता, मानव सेवा और सद्भाव का संदेश दिया। राज्यपाल ने कहा कि आज जब समाज अनेक सामाजिक और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की शिक्षाएं पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि संत कबीर का संदेश समाज को जोड़ने, भेदभाव समाप्त करने और मानवता को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा देता है।

राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता तथा जनकल्याण के क्षेत्र में आश्रम द्वारा किए जा रहे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पवित्र धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है, इसलिए संत कबीर की वाणी और विचारों का उनके जीवन पर विशेष प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में व्याप्त कुरीतियों, जाति-पांति, छुआछूत और अंधविश्वास के खिलाफ जनजागरण में समर्पित कर दिया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और समाज को नई दिशा प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को सरचार्ज माफी तथा अन्य आकर्षक प्रावधानों का लाभ मिलेगा और वे अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान आसानी से कर सकेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। उन्होंने सभी से संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही मनुष्य को ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाते हैं। संत कबीर ने सत्य, सेवा और सादगीपूर्ण जीवन का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को व्यवहार में उतारा जाए तो समाज में सद्भाव, नैतिकता और राष्ट्रहित की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन संत कबीर के आदर्शों पर चलकर सामाजिक समरसता, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण के संकल्प के साथ हुआ।

