महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के समर्थन में देशभर में एक दिवसीय भूख हड़ताल और जनजागरण अभियान तेज
बिलासपुर छत्तीसगढ़
मूकनायक
कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ प्रभारी
महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन राष्ट्रीय समिति के आह्वान पर आज महाबोधि महाविहार को बौद्ध समाज के नियंत्रण में सौंपने की मांग को लेकर देशभर में एक दिवसीय भूख हड़ताल, धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाया गया। समिति के अनुसार विभिन्न राज्यों और जिलों में बुद्ध अनुयायियों एवं सामाजिक संगठनों ने शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन का समर्थन करते हुए अपनी मांगों को दोहराया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि महाबोधि महाविहार समस्त बौद्ध समाज की आस्था, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहर है। इसलिए इसके प्रबंधन में बौद्ध समाज की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। समिति ने मांग की कि महाबोधि महाविहार का प्रबंधन बौद्ध प्रतिनिधियों की समिति को सौंपा जाए तथा वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक सुधार किए जाएं।
राष्ट्रीय समिति ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, संवैधानिक और अहिंसक तरीके से संचालित किया जा रहा है। भगवान बुद्ध के करुणा, अहिंसा और सत्य के संदेश तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों से प्रेरित होकर समाज के विभिन्न वर्गों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की गई है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आज देशभर में आंदोलन के दूसरे चरण के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक आंदोलन के उद्देश्य और मांगों की जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि जब तक महाबोधि महाविहार के प्रबंधन को लेकर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
समिति ने देशभर के बौद्ध समाज, सामाजिक संगठनों एवं संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों में विश्वास रखने वाले नागरिकों से आंदोलन को समर्थन देने और शांतिपूर्ण जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।






