
अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध, समय पर उपचार से बच सकती है जान; किसानों, ग्रामीणों और वनांचल के लोगों से सावधानी बरतने की अपील
कवर्धा, 30 जून 2026।
वर्षा ऋतु की शुरुआत के साथ सर्पदंश की संभावित घटनाओं को देखते हुए कबीरधाम जिला प्रशासन और जिला स्वास्थ्य समिति ने जिलेभर में विशेष जनजागरूकता अभियान प्रारंभ किया है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों तथा वनांचल में रहने वाले लोगों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक सावधानियों और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने बताया कि बारिश के मौसम में सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले क्षेत्रों के साथ-साथ घरों और गोठानों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में खेतों में कार्य करते समय गमबूट अथवा ऊंचे जूते पहनना, झाड़ियों या गड्ढों में हाथ डालने से पहले डंडे से जांच करना तथा रात के समय टॉर्च का उपयोग करना आवश्यक है।
उन्होंने लोगों से घर और उसके आसपास नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़-झंखाड़ हटाने तथा खुले स्थान या सीधे फर्श पर सोने से बचने की भी अपील की। उनका कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर सर्पदंश की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराने के बजाय उसे शांत रखें और प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें। प्रभावित स्थान पर चीरा लगाना, जहर चूसने का प्रयास करना, रस्सी या कपड़े से कसकर बांधना अथवा झाड़-फूंक जैसे अंधविश्वासों का सहारा लेना नुकसानदायक हो सकता है और इससे मरीज की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ऐसी स्थिति में बिना किसी देरी के पीड़ित को निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर 108 या 112 पर कॉल कर निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का लाभ लिया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में सर्पदंश के उपचार के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा दल तथा पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध है। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है।
जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, मितानिनों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों से सर्पदंश से बचाव संबंधी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि जागरूकता, सतर्कता और समय पर चिकित्सा ही सर्पदंश से होने वाली मौतों और गंभीर जटिलताओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

