Tuesday, September 29, 2026
HomeUncategorized"दो बूंद जिंदगी की" से गूंजा बालाघाट, सांसद-विधायक ने बच्चों को पोलियो...

“दो बूंद जिंदगी की” से गूंजा बालाघाट, सांसद-विधायक ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का किया शुभारंभ

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट

देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के राष्ट्रीय संकल्प को आगे बढ़ाते हुए रविवार 28 जून को बालाघाट जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का उत्साहपूर्वक शुभारंभ किया गया। जिला चिकित्सालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बालाघाट-सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद भारती पारधी, बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे तथा मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम हरिनखेड़े ने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ उपस्थित रहे तथा पूरे परिसर में “दो बूंद जिंदगी की” का संदेश गूंजता रहा।

इस अवसर पर सांसद भारती पारधी ने कहा कि भारत ने वर्षों के सतत प्रयासों से पोलियो जैसी गंभीर बीमारी पर विजय प्राप्त की है, लेकिन इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं और इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि पोलियो की दो बूंदें बच्चों को आजीवन दिव्यांगता से बचाने का प्रभावी माध्यम हैं। प्रत्येक माता-पिता का यह दायित्व है कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की प्रत्येक निर्धारित खुराक अवश्य दिलाएं।

मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य मौसम हरिनखेड़े ने कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। जब तक समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, तब तक ऐसे अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकते। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सभी नागरिकों से अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया।

1.77 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 77 हजार 56 बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 894 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां 3,584 स्वास्थ्य कर्मी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं टीकाकरण दल तैनात किए गए हैं। सभी दलों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

पहले बूथ, फिर घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान के पहले दिन सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जा रही है। इसके बाद 29 एवं 30 जून को विशेष टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। विभाग का उद्देश्य है कि जिले का एक भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य विभाग ने की व्यापक तैयारियां

अभियान के सफल संचालन के लिए जिलेभर में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी बूथों पर आवश्यक दवाओं, कोल्ड-चेन व्यवस्था तथा प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। अधिकारियों ने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी विशेष टीमें भेजी गई हैं, ताकि प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाई जा सके।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप, सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज महाजन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ऋत्विक पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संजय तुरकर, सहायक कार्यक्रम प्रबंधक संजय मानेश्वर सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी, कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं तथा घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें। अधिकारियों ने कहा कि “दो बूंद जिंदगी की” केवल एक टीकाकरण अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का राष्ट्रीय संकल्प है, जिसे जनसहभागिता से ही सफल बनाया जा सकता है।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments