Sunday, July 26, 2026
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खरीदार बनकर वन विभाग ने बिछाया जाल, बाघ की कथित हड्डियों के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने | बालाघाट

बालाघाट। वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बाघ की कथित हड्डियों की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विभाग ने करीब डेढ़ महीने तक गुप्त निगरानी और रणनीतिक योजना के बाद खरीदार बनकर आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

जानकारी के अनुसार वन विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बाघ की हड्डियां बेचने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर विभाग ने गोपनीय जांच शुरू की और विशेष टीम गठित कर आरोपियों से संपर्क स्थापित किया। सौदा तय होते ही वन विभाग की टीम ने दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक जांच में बरामद हड्डियों को बाघ की हड्डियां बताया जा रहा है। आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि हड्डियां दो अलग-अलग बाघों की हो सकती हैं, जिनमें से एक के अवशेष मंडला जिले के बम्हनी बंजार क्षेत्र से लाए जाने की बात कही गई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि फॉरेंसिक और वन्यजीव प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

पश्चिम सामान्य वन परिक्षेत्र बैहर के परिक्षेत्र अधिकारी कंदर्फ भट्ट ने बताया कि प्रथम दृष्टया बरामद कंकाल बाघ के प्रतीत हो रहे हैं। वैज्ञानिक परीक्षण के लिए हड्डियों को प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां डीएनए एवं अन्य तकनीकी जांच की जाएगी।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाघ की मौत कैसे हुई। वन विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं बाघ का शिकार तो नहीं किया गया था अथवा प्राकृतिक मृत्यु के बाद उसके अवशेषों की तस्करी की गई। विभाग आरोपियों के संपर्क सूत्रों और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों में रामलाल टेकाम, दशरथ परते, भीम सिंह परते, रविंद्र सोनकुसरे एवं राजकुमार सोनकुसरे शामिल हैं। वहीं संदेही देवीदयाल ढोढरे से पूछताछ जारी है। वन विभाग को आशंका है कि मामले में एक संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह सक्रिय हो सकता है।

इस कार्रवाई में देवेंद्र मरावी, ओंकार चौधरी, नरेंद्र मर्सकोले, अरुणेंद्र शेखर तिवारी, प्रमोद बंजारी, चंद्रशेखर मरकाम, सूरज नायक, अक्षय यादव सहित वन विभाग की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव अपराधों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और जैव विविधता को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाघ की कथित हड्डियों की बरामदगी ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें लैब रिपोर्ट और आगे की जांच पर टिकी हुई हैं।

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