
रेलवे फाटक स्थायी रूप से बंद, नए ओव्हर ब्रिज से गुजरेंगे सभी वाहन
मूकनायक समाचार/सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
बालाघाट। शहरवासियों और वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। बालाघाट-वारासिवनी मुख्य मार्ग पर वैनगंगा नदी पुल के पहले निर्मित रोड ओव्हर ब्रिज (आरओबी) पर आगामी 31 मई 2026 से यातायात प्रारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही रेलवे की मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग क्रमांक बीके-09, किलोमीटर 1048/0-1 को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। यह निर्णय क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नागपुर मंडल के उप मुख्य अभियंता द्वारा जारी सूचना के अनुसार 31 मई 2026 को सुबह 10 बजे से उक्त रेलवे फाटक सभी प्रकार के सड़क यातायात के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद बालाघाट-गर्रा एवं वारासिवनी मार्ग से आने-जाने वाले सभी छोटे और बड़े वाहन नव निर्मित रोड ओव्हर ब्रिज से होकर गुजरेंगे।
ज्ञात हो कि लंबे समय से इस रेलवे फाटक पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान जाम की स्थिति बनना आम बात थी। फाटक बंद होते ही दोनों ओर बस, ट्रक, कार, ऑटो एवं दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, मरीजों को लेकर जाने वाली एम्बुलेंस तथा रोजाना आवागमन करने वाले नागरिक इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित होते थे।
अब आरओबी शुरू होने के बाद लोगों को इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। नए ओव्हर ब्रिज के माध्यम से वाहन बिना किसी रुकावट के सीधे आवागमन कर सकेंगे। इससे शहर में यातायात दबाव कम होगा और दुर्घटनाओं की संभावना में भी कमी आएगी। रेलवे फाटक पार करने के दौरान होने वाले हादसों की आशंका भी समाप्त हो जाएगी।
आरओबी निर्माण के दौरान भारी वाहनों का आवागमन डेंजर रोड से डायवर्ट किया गया था। बस, ट्रक और अन्य बड़े वाहनों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और ईंधन दोनों की खपत बढ़ रही थी। कई बार डेंजर रोड पर भी ट्रैफिक दबाव अधिक होने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता था।
अब आरओबी शुरू होने के बाद भारी वाहनों को डेंजर रोड से होकर गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी बड़े वाहन सीधे ओव्हर ब्रिज के माध्यम से शहर में प्रवेश और निकास कर सकेंगे। इससे परिवहन व्यवस्था अधिक सरल और तेज होने की संभावना है। व्यापारिक गतिविधियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। लोगों का कहना है कि आरओबी शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था अधिक आधुनिक और व्यवस्थित बनेगी तथा लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा।
प्रशासन और रेलवे विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि 31 मई के बाद पुराने रेलवे फाटक मार्ग का उपयोग न करें तथा निर्धारित यातायात संकेतों और डायवर्ट मार्गों का पालन करें। नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के लिए प्रारंभिक दिनों में यातायात पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी।
बालाघाट में आरओबी की शुरुआत को शहर की आधुनिक यातायात व्यवस्था की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे नागरिकों को तेज, सुरक्षित और बाधारहित आवागमन की सुविधा मिलेगी।

