

इलाज के दौरान तोड़ा दम, ग्रामीणों ने सर्पदंश जागरूकता अभियान चलाने की उठाई मांग
मूकनायक समाचार / सत्यशील गोंडाने
बालाघाट
रामपायली।क्षेत्र के ग्राम बकोडी में सर्पदंश की दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। ग्राम निवासी 55 वर्षीय चुन्नीलाल पालेवार की जहरीले सर्प के काटने से उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। घटना के बाद परिवार सहित पूरे गांव में मातम का माहौल व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 मई 2026 को चुन्नीलाल पालेवार को अचानक जहरीले सांप ने डस लिया। घटना के बाद घबराए परिजनों ने बिना देर किए उन्हें तत्काल उपचार के लिए शासकीय अस्पताल रामपायली पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया। चिकित्सकों द्वारा लगातार प्रयास किए गए, लेकिन जहर तेजी से शरीर में फैल जाने के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृत्यु की खबर मिलते ही ग्राम बकोडी सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल परिसर में भी गमगीन माहौल दिखाई दिया। पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूर्ण कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया।
दिवंगत चुन्नीलाल पालेवार अपने परिवार के जिम्मेदार, मेहनती एवं मिलनसार सदस्य माने जाते थे। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी के कारण गांव में उनका विशेष सम्मान था। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बड़े पुत्र सोमेन्द्र पालेवार, महेंद्र पालेवार एवं किशोर पालेवार सहित समस्त परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्राम बकोडी में अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे। सभी ने नम आंखों से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने बताया कि चुन्नीलाल पालेवार सरल स्वभाव और सहयोगी व्यक्तित्व के धनी थे, जिनके निधन से गांव ने एक सम्मानित नागरिक को खो दिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि बरसात पूर्व के मौसम में क्षेत्र में जहरीले सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिसके चलते सर्पदंश की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से गांवों में सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार एवं त्वरित चिकित्सा संबंधी जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
ग्रामीणों एवं परिजनों ने शासन-प्रशासन से निवेदन किया है कि मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न सहायता एवं राहत योजनाओं का लाभ पीड़ित परिवार तक शीघ्र पहुंचाया जाए, ताकि दुख की इस घड़ी में परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक संबल मिल सके।
मूकनायक समाचार परिवार की ओर से दिवंगत चुन्नीलाल पालेवार को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं।

