
मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने
रामपायली/बालाघाट
बालाघाट जिले के रामपायली थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। प्रेम प्रसंग में उपजे विवाद के चलते एक युवक की हत्या कर उसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की साजिश रची गई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच, मोबाइल कॉल डिटेल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
जानकारी के अनुसार 6 मई 2026 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि ग्राम गर्राबोड़ी जंगल मार्ग में एक युवक मोटरसाइकिल सहित संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ है। सूचना पर थाना रामपायली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। सड़क किनारे युवक मृत अवस्था में मिला तथा पास में मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी। घटनास्थल पर फटी शर्ट, चप्पल और अन्य सामान भी बिखरा पड़ा मिला। प्रारंभिक रूप से मामला सड़क दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस का संदेह बढ़ा दिया।
मृतक की पहचान ग्राम खैरलांजी निवासी 23 वर्षीय तरुण पिता तोपसिंह लिल्हारे के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत सड़क हादसे से नहीं बल्कि गंभीर मारपीट और अंदरूनी चोटों के कारण हुई है। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
थाना रामपायली में अपराध क्रमांक 171/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण कायम किया गया। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर एवं एसडीओपी वारासिवनी अभिषेक चौधरी के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम गठित की गई। थाना प्रभारी परमजोत सिंह बेक के नेतृत्व में पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज तथा शादी समारोह के वीडियो की जांच की।
जांच में सामने आया कि मृतक तरुण का एक युवती से प्रेम संबंध था, जबकि युवती की शादी कहीं और तय हो चुकी थी। घटना वाले दिन युवती के विवाह समारोह में विवाद बढ़ गया, जिसके बाद आरोपियों ने युवक को सुनसान स्थान पर ले जाकर लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पीटा। मारपीट में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव और मोटरसाइकिल को गर्राबोड़ी जंगल मार्ग में फेंककर सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच ने पूरी साजिश उजागर कर दी। पुलिस ने लगातार पूछताछ और मोबाइल लोकेशन के आधार पर वेदप्रकाश लिल्हारे, हरिशंकर लिल्हारे, दिलीप लिल्हारे, कमलकिशोर एवं योगेश बर्खड़े को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
मामले के खुलासे में थाना प्रभारी रामपायली परमजोत सिंह बेक, थाना प्रभारी खैरलांजी विवेक गौतम, कार्यवाहक उप निरीक्षक क्लास्टर उईके, सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र गेहवारे सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना हो रही है। ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त किया है। पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना कर रही है तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

