


मूकनायक समाचार / सत्यशील गोंडाने (बालाघाट)
वारासिवनी तहसील अंतर्गत ग्राम रेगाझरी (रामपायली) में पहली बार आयोजित “जय भूरसिंग बाबा बैलजोडी पट प्रतियोगिता” का शुभारंभ शनिवार 09 मई 2026 को उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। भूरसिंग देव बाबा के आशीर्वाद एवं ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता को लेकर पूरे क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
प्रतियोगिता का शुभारंभ ग्राम पंचायत रेगाझरी की सरपंच ईश्वरी बघेले एवं ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति में किया गया। उद्घाटन अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, युवा एवं पशुपालक मौजूद रहे। सुबह से ही प्रतियोगिता स्थल पर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रंग-बिरंगी सजावट से सुसज्जित बैलजोड़ियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
आयोजन समिति द्वारा प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की जा रही है। प्रथम चरण शनिवार 09 मई को आयोजित किया गया, जबकि द्वितीय एवं अंतिम चरण रविवार 10 मई 2026 को होगा। प्रतियोगिता दोपहर 3 बजे से प्रारंभ की गई। मैदान की दूरी लगभग 1100 फीट निर्धारित की गई है तथा समय की गणना धागा घड़ी के माध्यम से की जा रही है।
प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में बंसत पटले (पूर्व सरपंच) अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आयोजन समिति ने प्रतियोगिता को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। समिति द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित पशु मालिक स्वयं जिम्मेदार रहेगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रदीप (गुड्डा) जायसवाल को आमंत्रित किया गया है। वहीं विशेष अतिथि के रूप में पूर्व जनपद सदस्य किशोर अमुले की उपस्थिति भी प्रतियोगिता को विशेष गरिमा प्रदान करेगी। प्रमुख अतिथि के रूप में सरपंच ईश्वरी बघेले एवं उपसरपंच मन्नू प्रमोद सहारे उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं। प्रथम पुरस्कार इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी, द्वितीय पुरस्कार 25 हजार रुपए, तृतीय पुरस्कार 18 हजार रुपए, चतुर्थ पुरस्कार 14 हजार रुपए तथा पंचम पुरस्कार 11 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों के लिए भी नगद पुरस्कार घोषित किए गए हैं।
आयोजन समिति में अध्यक्ष राजेश बघेले, उपाध्यक्ष टोपसिंह रहांगडाले, कोषाध्यक्ष जितेंद्र पटले एवं युवराज शरणागत सहित अनेक ग्रामीणजन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सचिव एवं सहायक सचिव के साथ बड़ी संख्या में युवा एवं वरिष्ठ नागरिक प्रतियोगिता को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
प्रतियोगिता में क्षेत्र सहित आसपास के अनेक गांवों से बैलजोड़ियां पहुंच रही हैं। बैलों की रफ्तार, ताकत और मालिकों के नियंत्रण को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आयोजन गांव की संस्कृति एवं पारंपरिक खेलों को जीवित रखने का कार्य करते हैं।
अब सभी की निगाहें 10 मई को होने वाले फाइनल मुकाबले पर टिकी हुई हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि अंतिम चरण में हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचेंगे तथा यह आयोजन वारासिवनी क्षेत्र का ऐतिहासिक आयोजन साबित होगा।

