Thursday, June 11, 2026
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घरेलू हिंसा और प्रताड़ना की शिकार नवप्रसूता को जचकी के दूसरे दिन घर से निकाला, बिलासपुर स्टेशन में भूखी-प्यासी मिली

न्यूज़ छत्तीसगढ़

घरेलू हिंसा और प्रताड़ना की शिकार नवप्रसूता को जचकी के दूसरे दिन घर से निकाला, बिलासपुर स्टेशन में भूखी-प्यासी मिली

मूकनायक

अजय अनंत

बिलासपुर, छत्तीसगढ़

घरेलू हिंसा, प्रताड़ना और सामाजिक उपेक्षा की शिकार 25 वर्षीय एक युवती को प्रसव के महज दो-तीन दिन बाद नवजात शिशु सहित घर से निकाल दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। युवती दो दिनों तक बिलासपुर रेलवे स्टेशन में भूखी-प्यासी और निराश्रित अवस्था में पड़ी रही। मामले की जानकारी मिलने पर प्रवासी मजदूर संगठनों के संयुक्त मोर्चा (PMSSM) ने पुलिस और सखी सेंटर की मदद से युवती को सुरक्षित आश्रय दिलाया।
PMSSM के संयोजक एवं लोक सिरजनहार यूनियन (LSU) के अध्यक्ष लखन सुबोध को 13 मई 2026 को संगठन के घटक छत्तीसगढ़िया बनिहार संघ (CBS) के महासचिव रामेश्वर कुर्रे ने सूचना दी कि सक्ती जिले की एक युवती बिलासपुर रेलवे स्टेशन में असहाय हालत में पड़ी हुई है। संवेदनशीलता को देखते हुए युवती और उसके गांव की पहचान गोपनीय रखी गई है।
जानकारी मिलने पर LSU के महासचिव वीरेंद्र भारद्वाज को स्टेशन भेजा गया। युवती से चर्चा और अन्य स्रोतों से जानकारी लेने के बाद GRP पुलिस एवं सखी सेंटर से संपर्क किया गया, जहां फिलहाल युवती और नवजात को रखा गया है।
पीड़िता ने बताया कि उसकी पहली शादी करीब 6-7 वर्ष पूर्व हुई थी, लेकिन पति शराबी और चरित्रहीन निकला। विवाह के दौरान उसे लगातार मारपीट और प्रताड़ना झेलनी पड़ी। युवती का आरोप है कि उसके पैर में बिजली का तार बांधकर करंट तक लगाया गया। इस हिंसा से तंग आकर वह किसी तरह वहां से निकली और इलाज कराया।
पीड़िता ने बताया कि मायके में भी पिता ने उसे आश्रय नहीं दिया। मजबूरी में वह प्रवासी मजदूर बनकर गुजरात चली गई, जहां उसकी मुलाकात एक नेपाली युवक से हुई। दोनों ने प्रेम विवाह किया, लेकिन गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद युवक उसे छोड़कर चला गया।
इसके बाद युवती हैदराबाद में अपने परिचित मजदूर परिवार के साथ रहने लगी। बाद में उसकी मां ने उसे सक्ती स्थित गांव बुला लिया। लेकिन प्रसव के तुरंत बाद ही परिवार और रिश्तेदारों ने नवजात को स्वीकारने से इनकार करते हुए बदनामी का हवाला देकर युवती को घर से निकाल दिया।
बेबस युवती किसी तरह बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां वह दो दिनों तक पड़ी रही। PMSSM को सूचना मिलने के बाद संगठन ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे सखी सेंटर पहुंचाया।
15 मई को लखन सुबोध एवं LSU/GSS कार्यालय सचिव अजय अनंत ने सखी सेंटर जाकर युवती और नवजात के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
संगठन के अनुसार, जिस नेपाली युवक से युवती ने विवाह का दावा किया है, वह भी धोखाधड़ी कर शारीरिक शोषण करने वाला हो सकता है। हालांकि युवती फिलहाल उस पर विश्वास कर रही है। संगठन ने युवती को समझाया है कि जिन-जिन लोगों ने उसके साथ अत्याचार किया है, उनके खिलाफ FIR दर्ज कराए। इस पर युवती ने सहयोग मिलने पर कार्रवाई करने की सहमति जताई है।
PMSSM एवं सहयोगी संगठनों ने कहा है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कानूनी और सामाजिक सहायता प्रदान की जाएगी।

भरतलाल टंडन
प्रवक्ता, PMSSM/LSU, जांजगीर-चांपा
मो. 8717834059 ने प्रेस विज्ञप्ति कर जानकारी दी।

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