Thursday, June 11, 2026
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खैरलांजी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 6 एकड़ शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त 9 अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान

मूकनायक समाचार | सत्यशील गोंडाने
बालाघाट

खैरलांजी तहसील प्रशासन ने ग्राम पिंडकेपार में वर्षों से शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 6 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और दिनभर गांव एवं बाजारों में इसकी चर्चा होती रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पिंडकेपार की शासकीय घास बीड़ भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर खेती किए जाने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। ग्रामीणों द्वारा तहसील एवं कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार तीर्थ प्रसाद अछरिया के निर्देशन में राजस्व विभाग ने जांच, सीमांकन और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की।

सुनवाई के बाद प्रशासन ने बेदखली आदेश जारी कर शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। सुबह से ही प्रशासनिक टीम गांव पहुंच गई थी। सीमांकन के बाद जेसीबी मशीनों की सहायता से खेतों की मेड़ें हटाई गईं और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार खसरा नंबर 233/1 की शासकीय भूमि पर करीब 9 लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया था। इनमें ओमकार दमाहे, महेंद्र वैद्य, जयपाल बिसरवार, देवीलाल सोनवाने, सतनलाल ढोडरे, मंगल प्रसाद ढोडरे, प्रहलाल, स्वर्ण कुमार तथा प्रदीप के नाम शामिल हैं।

कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार दादूलाल परते, राजस्व निरीक्षक खेमलाल मरस्कोले, हरीशंकर साकेत, पटवारी आई.एस. सिंगल सहित राजस्व विभाग का अमला मौजूद रहा।

तहसीलदार तीर्थ प्रसाद अछरिया ने कहा कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिकायतों के आधार पर नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे और सुनवाई के बाद बेदखली आदेश पारित किया गया।

नायब तहसीलदार दादूलाल परते ने बताया कि कार्रवाई पूरी तरह राजस्व नियमों के तहत की गई है तथा भूमि को पुनः शासकीय रिकॉर्ड में सुरक्षित किया गया है। भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए निगरानी रखी जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए अन्य शासकीय जमीनों का भी सर्वे कर अतिक्रमण हटाने की मांग की है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

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