मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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समाज विभिन्न विचारों और पृष्ठभूमि वाले लोगों का समूह है। यदि हर व्यक्ति केवल अपने लाभ के बारे में सोचेगा, तो प्रतिस्पर्धा ईर्ष्या में बदल जाएगी, लेकिन जब समाज में परोपकार मुख्य मूल्य बन जाता है, तो लोग एक-दूसरे की सफलता में खुशी ढ़ूढ़ते हैं । सेवा भाव से प्रेरित समाज में अपराध कम होते हैं और असुरक्षा की भावना भी समाप्त हो जाती है । स्वार्थ हमें संकुचित करता है, जबकि परोपकार हमारा विस्तार करता है।
इसलिए एक शांतिपूर्ण भविष्य के लिए हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाना होगा कि असली महानता संचय करने में नहीं, बल्कि साझा करने में है । स्वार्थ से ऊपर उठकर परोपकार और सेवा को महत्व देने वाला समाज संघर्ष-मुक्त और शांतिपूर्ण होता है। ऐसे वातावरण में, व्यक्ति का ध्यान केवल अपने लाभ के बजाय सामूहिक भलाई पर केंद्रित होता है, जिससे आपसी विश्वास, सहानुभूति और प्रेम बढ़ता है तथा तनाव व टकराव भी कम होते हैं ।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

