Thursday, June 11, 2026
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सरगुजा में 117 दिन से जारी आंदोलन: पेयजल, सड़क और वन अधिकार सहित कई मांगों को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज

सरगुजा में 117 दिन से जारी आंदोलन: पेयजल, सड़क और वन अधिकार सहित कई मांगों को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज

रायपुर/सरगुजा, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत सपहा में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। ग्रामीणों के नेतृत्व में लाल जी बौद्ध द्वारा चलाया जा रहा यह आंदोलन 117वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों—विशेषकर न्यू बौद्ध पारा और न्यू पंडोपारा—में शुद्ध पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। हैंडपंपों में पानी की कमी के कारण ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य मांगें:

ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:

///शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था और नए हैंडपंप/बोर खनन///

///विभिन्न मार्गों पर सीसी रोड एवं पक्की सड़क निर्माण///

///पुलिया निर्माण और श्मशान घाट तक सड़क सुविधा///

//स्ट्रीट लाइट स्थापना///

///वन अधिकार पट्टा वितरण एवं सामुदायिक वन अधिकार
आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ///

///अवैध रेत परिवहन पर रोक एवं क्षतिपूर्ति//

///स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सुविधा एवं नाली निर्माण//

//बौद्ध समाज के लिए श्मशान भूमि एवं सामुदायिक भवन हेतु भूमि आवंटन///

//प्रशासन पर लापरवाही का आरोप://

आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2025 में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान किए गए आवेदन और शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन और स्मरण पत्र देने के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

//कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल://

लाल जी बौद्ध ने यह भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा दर्ज कराए गए मामलों में जांच प्रक्रिया लंबित है और संबंधित अधिकारियों द्वारा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

///सुरक्षा की मांग://

आंदोलन के दौरान अवैध रेत परिवहन के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया गया है। इस संबंध में उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

///शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी://

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जाएगा और सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी आवाज उठाई जाएगी।

///प्रशासन से अपील:///

ग्रामीणों ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि सभी लंबित आवेदनों की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

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