रेलवे मरीजों को बड़ी राहत: अब न ओवरचार्जिंग, न इलाज से इनकार
बिलासपुर
मूकनायक
दिलीप मैश्राम
रेलवे बोर्ड ने मरीजों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए सभी पैनल अस्पतालों (HCOs) के लिए सख्त नियम लागू कर दिए हैं। यह फैसला ओवरचार्जिंग और इलाज से इनकार की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है।
// क्या बदला अब?//
अब कोई भी पैनल अस्पताल रेलवे मरीज का इलाज करने से मना नहीं कर सकता,तय CGHS/रेलवे दर से एक रुपया भी ज्यादा नहीं लिया जा सकेगा,मरीज को उसकी पात्रता के अनुसार सही वार्ड/कमरा देना अनिवार्य।
///मरीजों के लिए खास फायदे:
इमरजेंसी में बिना रेफरल भी तुरंत भर्ती//
- दवाइयां केवल जेनेरिक नाम से लिखी जाएंगी।
+इलाज के बिल में पूरी पारदर्शिता—साइन और मोबाइल नंबर जरूरी।
//अस्पतालों पर नई जिम्मेदारी://
ICU/वार्ड बेड की उपलब्धता सार्वजनिक रूप से दिखानी होगी
अस्पताल में रेलवे हेल्प डेस्क/कियोस्क अनिवार्य,नोटिस बोर्ड पर शुल्क, पात्रता और अधिकारी की जानकारी देना जरूरी।
// नियम तोड़ने पर सख्ती://
+फर्जी बिलिंग पर सीधे FIR और कानूनी कार्रवाई।
+दोषी अस्पताल को पैनल से हटाया या ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
- रेलवे ने सभी जोनल इकाइयों को इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
///मरीजों से अपील://
अगर आपके साथ ओवरचार्जिंग या इलाज से इनकार होता है, तो तुरंत शिकायत करें—अब आपके अधिकार और मजबूत हो चुके हैं।


