
मूकनायक समाचार / कोरबा (छत्तीसगढ़)
बालको-कोरबा क्षेत्र में 14 अप्रैल से प्रारंभ होकर 29 अप्रैल तक “विश्वरत्न डॉ. बाबा साहब आंबेडकर जयंती संवैधानिक सामाजिक सद्भाव पखवाड़ा” के अंतर्गत व्यापक जनजागरण और सेवा अभियान चलाया जा रहा है। सिद्धार्थ लोक कल्याण समिति, मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के तहत 1000 जरूरतमंद लोगों को वस्तु दान करने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगातार कार्य जारी है।


भव्य शुभारंभ और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति➖
14 अप्रैल को बालको नगर में पखवाड़े का शुभारंभ श्रम, उद्योग एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन और कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम का संचालन गोपाल ऋषिकर भारती ने किया। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें नरेंद्र देवांगन, सत्येंद्र दुबे, जे.एन. दुबे, महेंद्र थवाईत, सुशील निर्मलकर, सुनील सुना, प्रीति दास, क्रांति कुमार साव, प्यारेदास महंत, शीतला साहू, रूपा महिलांगे और गायिका कलिंद्री परिहार प्रमुख रहे।
सामाजिक सद्भाव और जागरूकता का संदेश➖
कार्यक्रम को “संवैधानिक सामाजिक सद्भाव दिवस” के रूप में मनाते हुए संविधान के मूल्यों—समानता, न्याय और बंधुत्व—को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान वक्ताओं ने समाज में जागरूकता बढ़ाने और संविधान के प्रति सम्मान को मजबूत करने पर जोर दिया।


1000 लोगों को वस्तु दान का लक्ष्य➖
पखवाड़े के अंतर्गत बालको-कोरबा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब, महिलाओं और वंचित वर्गों को सहायता पहुंचाने का अभियान चल रहा है। इसके तहत—
500 महिलाओं को साड़ियां
500 पुरुषों और बच्चों को बर्तन एवं आवश्यक सामग्री
वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।




गांव-गांव पहुंच रहा सेवा अभियान➖
23 अप्रैल 2026 को ग्राम रोगबहरी (बालको) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों को वस्तु दान किया गया। इस अवसर पर महिला समाजसेवियों कौशल्या कंवर और रमशिला चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
आयोजन समिति का संदेश➖
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सभी दानदाताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सेवा कार्य नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति जनजागरण का प्रयास है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे संविधान और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं और सामाजिक समरसता को मजबूत करें।
महापुरुषों के विचारों पर जोर➖
कार्यक्रम में भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक, गुरु कबीर, गुरु घासीदास, महात्मा ज्योतिबा फुले, महात्मा गांधी और डॉ. आंबेडकर के सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग को अपनाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में परिवर्तन शिक्षा, जागरूकता और नैतिक मूल्यों से ही संभव है।
छत्तीसगढ़ को मॉडल राज्य बनाने का आह्वान➖
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ को भेदभाव, अन्याय, शोषण, गरीबी और बेरोजगारी से मुक्त एक आदर्श राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। “हम सब भारतीय हैं” के संदेश के साथ एकता और जागरूकता को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
बालको-कोरबा में चल रहा यह पखवाड़ा सामाजिक जागरूकता, सेवा और समरसता का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। जनभागीदारी और सेवा कार्यों के माध्यम से यह अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है, जिससे आंबेडकर के विचारों को जमीनी स्तर पर साकार किया जा सके।


