Friday, April 17, 2026
HomeUncategorizedटीईटी अनिवार्यता पर शिक्षक संघ का विरोध तेज, जनप्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन

टीईटी अनिवार्यता पर शिक्षक संघ का विरोध तेज, जनप्रतिनिधियों को सौंपा ज्ञापन

बालाघाट। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को अनिवार्य किए जाने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के विरोध में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने जोरदार विरोध दर्ज कराया है। संघ ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति पर मंडरा रहे संकट को लेकर जिले भर में सक्रिय अभियान शुरू करते हुए जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा।

संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिले के प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, सांसद डॉ. भारती पारधी (बालाघाट-सिवनी), विधायक अनुभा मुंजारे (बालाघाट), मधु भगत (परसवाड़ा), गौरव पारधी (कटंगी), संजय उइके (बैहर), विक्की पटेल (वारासिवनी) एवं रमेश कर्राहे (लांजी) से मुलाकात कर अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।

संघ ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के चलते वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त वे शिक्षक भी TET के दायरे में आ गए हैं, जिन्हें पहले छूट प्राप्त थी। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 70 हजार और देशभर के करीब 25 लाख शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और पदोन्नति पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि इस निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए तथा विधायी हस्तक्षेप कर शिक्षकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

इस दौरान जिला एवं संभाग स्तर के पदाधिकारी—जनजातीय कार्य विभाग प्रमुख अशोक दीक्षित, जिलाध्यक्ष पंकज चिले, संभागीय कोषाध्यक्ष प्रहलाद पटले, संभागीय सदस्य व जिला मीडिया प्रभारी एस.आर. उके, जिला कोषाध्यक्ष चंद्रेश पटले एवं जिला संगठन मंत्री देवन लाल गोलेन्द्र—सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

बैहर एवं बिरसा इकाई के पदाधिकारियों और सदस्यों की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही, जिनमें अरविंद मिश्रा, राम सिंह मेरावी, गीधेश राहंगडाले, जितेन्द्र कठाने, लोकेश परिहार, अजय सिसोदिया, यदोराव बिसेन, लालचंद बोपचे, दिवाकर बिसेन, भागीरथी पांचे, प्रेमलाल पटले सहित अनेक शिक्षक शामिल थे।

जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों की मांगों को उचित बताते हुए इस विषय को मुख्यमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।

— जिला इकाई, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ, बालाघाट

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments