Friday, April 17, 2026
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25 वर्षों बाद बदली तस्वीर: श्री श्री सोलापुरी माता पूजा समिति बंगलायार्ड में नई कार्यकारिणी का गठन, अध्यक्ष पद पर सस्पेंस

25 वर्षों बाद बदली तस्वीर: श्री श्री सोलापुरी माता पूजा समिति बंगलायार्ड में नई कार्यकारिणी का गठन, अध्यक्ष पद पर सस्पेंस

मूकनायक

बिलासपुर छत्तीसगढ़

रेलवे परिक्षेत्र बांग्लायार्ड, वार्ड क्रमांक 69 बारा खोली चौक स्थित श्री श्री सोलापुरी माता पूजा उत्सव समिति की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को उत्साह, एकता और पारदर्शिता के वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में बड़ी संख्या में समिति सदस्यों की उपस्थिति रही तथा वर्ष 2026 में माता पूजा को भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक रूप देने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

////आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत, पारदर्शिता पर जोर///

बैठक की शुरुआत वर्ष 2025 के माता पूजा आयोजन के आय-व्यय विवरण की प्रस्तुति से हुई। कोषाध्यक्ष शंकर राव द्वारा विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया, जिसे सदस्यों ने सराहा। समिति की पारदर्शिता और जवाबदेही की परंपरा को उसकी मजबूती का आधार बताया गया। इस दौरान आयोजन से जुड़े सुझाव और शिकायतें भी सामने रखी गईं, जिन पर पदाधिकारियों ने गंभीरता से विचार कर अमल करने का आश्वासन दिया।

///वर्ष 2026 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन///

बैठक के दूसरे चरण में वर्ष 2026 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया।

सचिव: एस. साई भास्कर (निर्विरोध)
कोषाध्यक्ष मंडल: बी. शंकर राव, ई. अप्पा राव एवं टी. गिरधर राव
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया तथा सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी गईं।

नवनिर्वाचित सचिव एस. साई भास्कर ने कहा,
“माता पूजा हमारी आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम है। सभी के सहयोग से वर्ष 2026 का आयोजन और अधिक भव्य, अनुशासित और यादगार बनाया जाएगा।”

///अध्यक्ष पद पर बना असमंजस///

गौरतलब है कि पिछले लगभग 25 वर्षों से रामा राव समिति के अध्यक्ष पद पर लगातार पदासीन रहे हैं। उनके नेतृत्व में माता पूजा का आयोजन बड़े पैमाने पर धार्मिक विधि-विधान और सामाजिक सहभागिता के साथ संपन्न होता रहा है।
हालांकि, इस बार नई कार्यकारिणी की घोषणा में अध्यक्ष पद का उल्लेख नहीं किया गया और न ही रामा राव का नाम शामिल किया गया। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। क्या इस वर्ष समिति बिना अध्यक्ष के ही कार्य करेगी? या फिर अध्यक्ष पद को लेकर अलग से निर्णय लिया जाएगा?
समिति की ओर से इस विषय में कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे समाज के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सामाजिक मान्यता और परंपरा को देखते हुए अध्यक्ष पद का महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, विशेषकर तब जब आयोजन बड़े बजट और व्यापक जनसहभागिता से जुड़ा हो।
समाज से सहयोग की अपील
समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे वर्ष 2026 की माता पूजा को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग करें।
बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि समिति आगामी वर्ष में और अधिक संगठित, पारदर्शी और समाजहित में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अब सबकी निगाहें अध्यक्ष पद को लेकर होने वाली संभावित घोषणा पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में स्थिति को स्पष्ट कर सकती है।

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