Tuesday, September 29, 2026

माता रमाई जयंती पर 8 वर्षीय बाल वक्ता यथार्थ सम्राट भारतीय ने जगाई सामाजिक चेतना की अलख

मूकनायक/ दिलीप मैश्राम

भिलाई छत्तीसगढ़
भिलाई | सेक्टर–6 में आयोजित माता रमाई जयंती के पावन अवसर पर कार्यक्रम उस समय ऐतिहासिक बन गया, जब राजनांदगांव निवासी मात्र 8 वर्ष के बाल वक्ता यथार्थ सम्राट भारतीय ने अतिथि वक्ता के रूप में मंच से अपने विचार प्रस्तुत किए। नन्हे बालक के ओजस्वी और विचारोत्तेजक वक्तव्य ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
अपने संक्षिप्त किंतु प्रभावशाली संबोधन में यथार्थ ने माता रमाई के संघर्षमय जीवन, उनके त्याग और डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के सामाजिक कारवाँ में उनके योगदान को सरल लेकिन गहरे शब्दों में प्रस्तुत किया। बालक की सोच, आत्मविश्वास और स्पष्ट दृष्टिकोण देखकर श्रोता आश्चर्यचकित रह गए।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने कहा कि इतनी कम उम्र में सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा को लेकर इस प्रकार की समझ भविष्य में एक सकारात्मक सामाजिक क्रांति का संकेत है।
अपने वक्तव्य की अंतिम पंक्ति में यथार्थ ने कहा —
“अगर हम आज पढ़ेंगे, जुड़ेंगे और अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े होंगे, तभी बाबा साहेब का सपना सच्चा होगा।”
यह वाक्य सुनते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
बाल वक्ता के शब्दों ने न केवल श्रोताओं के मन को छुआ, बल्कि डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प को भी नई गति प्रदान की। कार्यक्रम आयोजकों ने यथार्थ सम्राट भारतीय को भविष्य का प्रेरणास्रोत बताते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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