Friday, April 17, 2026
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाओं की लंबित मांगों को बजट में शामिल करने की मांग

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाओं की लंबित मांगों को बजट में शामिल करने की मांग

मूकनायक

कमलेश लवहात्रै छत्तीसगढ़ वॉच

बिलासपुर, छत्तीसगढ़

संयुक्त मंच – छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ, जिला बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा प्रदेश सरकार से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की लंबित मांगों को आगामी विधानसभा बजट सत्र में शामिल करने की जोरदार मांग की गई है।

संघ की जिला पदाधिकारी भारती मिश्रा, मंजू मेश्राम, गीतांजली पांडे एवं प्रियंका सिंह ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत वर्ष 1975 से संचालित समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) योजना के अंतर्गत कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं लगभग 50 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रही हैं, किंतु आज भी उन्हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा एवं सम्मानजनक वेतन नहीं मिला है।
संघ ने बताया कि प्रदेश में एक लाख से अधिक तथा देशभर में लगभग 27 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाएं अल्प मानदेय पर कार्य कर रही हैं। वर्तमान में केन्द्र सरकार से कार्यकर्ताओं को ₹4500 एवं सहायिकाओं को ₹2250 प्रतिमाह मानदेय प्राप्त हो रहा है, जो न्यूनतम जीवन-यापन हेतु पर्याप्त नहीं है।
संघ ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य योजनाओं के अंतर्गत कार्यरत मानसेवियों को समय-समय पर नियमित कर शासकीय कर्मचारी घोषित किया गया है, किंतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाओं के साथ ऐसा न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

संयुक्त मंच ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से मांग की है कि आगामी बजट में आवश्यक प्रावधान कर उनकी मांगों को पूर्ण किया जाए। साथ ही, भारत सरकार के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी पत्र प्रेषित कर सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया है।

/////प्रमुख मांगें/////

सेवानिवृत्ति लाभ –
कार्यकर्ता को ₹5 लाख एवं सहायिका को ₹4 लाख एकमुश्त ग्रेच्युटी।

कार्यकर्ता को ₹10,000 एवं सहायिका को ₹8,000 मासिक पेंशन।

समूह बीमा योजना का लाभ।
शासकीय कर्मचारी का दर्जा –
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।
नियमितीकरण तक कार्यकर्ता को ₹26,000 एवं सहायिका को ₹22,100 प्रतिमाह मानदेय स्वीकृत किया जाए।

संघ ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता–सहायिकाएं पोषण, टीकाकरण, सर्वेक्षण, जनगणना, निर्वाचन एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, चिकित्सा सुविधा एवं अन्य बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है।

संयुक्त मंच ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगी।

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