Tuesday, September 29, 2026
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सांस्कृतिक महोत्सव के तृतीय दिवस सत्यम निकेतन ने बिखेरी विविधता भरी सांस्कृतिक छटा

मूकनायक/कमलेश लव्हात्रे
छत्तीसगढ़ प्रभारी

शासकीय उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान (IASE) बिलासपुर में सत्यम निकेतन द्वारा वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम 2025–26 का आयोजन दिनांक 8.1.2026 को किया गया। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख प्राचार्य मीता मुखर्जी एवं निर्णायक सुनील चिपड़े, अरुण भांगे, सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. अजीता मिश्रा, सत्यम निकेतन के प्रभारी एन.एम. रिजवी, गीता जायसवाल, डॉ. नीला चौधरी, संगीता श्रीवास्तव, वंदना रोहिला, संतोषी फरवी तथा वादक कलाकार ओम परमानंद वैष्णव, राजेश्वर प्रसाद वस्त्रकार, कृष्णानंद चौबे उपस्थित रहे। मेकअप सहयोगी अतुलकांत, अंजना खरे एवं सत्यम निकेतन के सभी सदस्यगण तथा लाइट डेकोरेशन व साउंड सिस्टम के प्रभारी डॉ. दुष्यंत चतुर्वेदी द्वारा सुंदर व्यवस्था की गई।

प्रशिक्षणार्थियों द्वारा भारतीय संस्कृति एवं लोक संस्कृति को अत्यंत खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। भारतीय संस्कृति से लेकर आधुनिकता के समावेश के साथ सुंदर साज-सज्जा में लोकगीत, लोकनृत्य, नाटक, हास्य कॉमेडी आदि के माध्यम से भारत की संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश दिया गया। राम–सीता विवाह, शंकर तांडव, डंडा नृत्य, पहाड़ी नृत्य, जस गीत, नाटक सर्वधर्म सम्भाव, बुंदेलखंडी नृत्य आदि की प्रस्तुतियों ने दर्शकों एवं निर्णायकों का मन मोह लिया। मंत्र नाटक द्वारा समाज को मानवता का पाठ पढ़ाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति “एक देश संदेश एक हैं, एक हमारा नारा है” के माध्यम से उत्साह और ऊर्जा का प्रेरक संदेश दिया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं बीएड, एमएड के सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम निकेतन के सभी सदस्यों के सहयोग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत शिव तांडव देवराज सेधमान्य की स्तुति से हुई, जिसमें बीएड प्रशिक्षणार्थी गामिनी गेंदले, नीलू प्रिया, भूषण पैगवार, माही, मनोज बर्मन एवं रामरतन महंत ने भूमिका निभाई। तत्पश्चात लोकगीत महिला समूह में सावित्री जायसवाल, नैनसी दुबे, भूषण पैगवार, कमलेश नंदनी पात्रे, शारदा शर्मा, नम्रता डहरिया, मनीषा बंजारे, गीत प्रधान, वर्तिका जान, कल्पना, पद्मा सीमा एवं रेशमा ने प्रस्तुति दी।

डंडा नृत्य “झूमकी तरोई रे भाई” में धजाराम टेंगवार, अश्वनी कुमार कौशिक, पवन कश्यप, नरेंद्र वैष्णव, हरि शंकर साय, विनय सिंह, ओंकार अनुराग खेमराज, अमर कुमार मलिक, भूपेंद्र कंवर, अश्विनी कुमार एवं निकोलस कुजूर ने प्रस्तुति दी। पहाड़ी नृत्य में दीप्ति, वर्षिता, बेबी मिरी एवं निशा साहू ने प्रस्तुति दी।

जस गीत में धजाराम, रामरतन महंत, पवन कुमार कश्यप, अश्वनी कौशिक, नरेंद्र वैष्णव, मनोज कुमार बर्मन, हरिशंकर, सुधीर कुमार सिंह, विनय कुमार सिंह, यीशु नसरिता लकड़ा, भूपेंद्र कंवर एवं राकेश कुमार राजगीर की भूमिकाओं ने दर्शकों का मन मोह लिया।

मंत्र नाटक में अमर कुमार मलिक, वर्तिका जान, नयनन गिरी, सावित्री जायसवाल, अश्वनी कुमार, अनुराग केस, लॉरेंस मित्रा, वर्षीत लाउते एवं सुरेश कुमार मानिकपुरी ने भावपूर्ण प्रस्तुति दी। लोक नृत्य “मुख मुरली बजाए” में भूषण पैगवार, कमलेश नंदनी पात्रे, शारदा शर्मा, नम्रता डहरिया, सावित्री जायसवाल, सिमरन, श्रद्धा, तोशिबा, नीलू प्रिया, वर्तिका जान, रीत एवं गामिनी ने प्रस्तुति दी।

विविध कार्यक्रमों के अंतर्गत मुख अभिनय में कीर्तन लाल घृतलहरे, राकेश कुमार राजगीर, पवन कुमार कश्यप, हरिशंकर, भूपेंद्र कंवर एवं निकोलस कुजूर ने राष्ट्रीय एकता पर अभिनय किया। बुंदेलखंडी नृत्य में अनुराग, लॉरेंस, अश्वनी कुमार, वर्षिता, दीप्ति एवं निशा ने “जल मछली” गीत पर रंगारंग प्रस्तुति दी। मिनी नाटक में रेलवे स्टेशन संदर्भ पर अमर कुमार मलिक एवं सुरेश कुमार मानिकपुरी ने भूमिका निभाई। हरियाणवी नृत्य में माही, रीत, श्रद्धा, गामिनी एवं दीप्ति ने प्रस्तुति दी।

एकल अभिनय में कीर्तनलाल घृतलहरे द्वारा प्रस्तुत हास्य नाटक ने दर्शकों को खूब हँसाया। कार्यक्रम का समापन निकेतन गीत के साथ हुआ। मंच संचालन में प्रदीप कुमार श्याम, अमर कुमार मलिक एवं शोभा यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरे कार्यक्रम की जानकारी महाविद्यालय के आचार्य करीम खान ने दी।

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